फरीदाबाद। शहर में बेधड़क चल रहे ओयो होटल और गेस्ट हाउसों पर अब जल्द ही शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। अब होटल या गेस्ट हाउस चलाने के लिए डीसीपी कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। गेस्ट हाउस के काउंटर पर रखा रजिस्टर अब साधारण नहीं होगा। रजिस्टर को पहले इलाके के डीसीपी कार्यालय में ले जाना होगा। इसके साथ संचालक की आईडी, अनुबंध की कॉपी, होटल में काम कर रहे कर्मचारियों की आईडी और पुलिस सत्यापन के साथ ही इमारत के बिजली बिल व निगम द्वारा जारी किया गया ट्रेड लाइसेंस होना अनिवार्य है। सभी दस्तावेज की जांच के बाद डीसीपी कार्यालय से मोहर लगा सत्यापित कागज रजिस्टर के पहले पेज पर लगाना होगा। इसी रजिस्टर के अलावा किसी और रजिस्टर में की गई एंट्री मान्य नहीं होगी।
पुलिस आयुक्त कार्यालय से सभी थाना प्रभारियों के आदेश दिए गए हैं कि वे अपने अपने इलाके में आने वाले सभी ओयो होटल व गेस्ट हाउस संचालकों को नए नियम के तहत कागजात पूरे करने के लिए कहें। दरअसल, ये कार्यवाई शहर के ओयो होटलों में बढ़ रही अनैतिक और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए की जा रही है। शहर के बड़खल चौक स्थित सासाराम होटल में करीब दो-तीन महीने पहले 35 युवक-युवतियों को देह व्यापार के आरोप में पकड़ा गया था। यूपी के गैंगस्टर विकास दुबे ने भी छिपने के लिए ओयो होटल का इस्तेमाल किया था। नीलम बाटा रोड पर पुलिस कई बार रेव पार्टी और देह व्यापार जैसी शिकायतों को लेकर कार्रवाई कर चुकी है। इसके साथ ही सट्टा लगाने, जुआ खेलने के लिए भी आरोपी गेस्ट हाउस का इस्तेमाल करते हैं। डीसीपी मुख्यालय नीतीश अग्रवाल ने बताया कि शहर में शांति बनाने और अनैतिक कार्यों को रोकने के लिए नियमों को लागू कराया जा रहा है। समय-समय पर पुलिस रजिस्टर की जांच करेगी और अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवाद