फरीदाबाद। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में दाखिले को इच्छुक विद्यार्थियों को एक बार फिर से उम्मीद जागी है। जल्द ही इसके लिए आवेदन शुरू होने की संभावना है। हालांकि निदेशालय की ओर से शनिवार को खोले गए आवेदन पोर्टल पर पहले दिन कोई खाता नहीं खुला। जिले के किसी निजी स्कूल ने सरकारी भुगतान की एवज में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाने में रूचि ही नहीं ली।
स्कूल निदेशालय ने सरकारी भुगतान पर गरीब बच्चों को दाखिला देने के इच्छुक स्कूल पर ही नया नियम लागू करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए निदेशालय ने शनिवार से आवेदन पोर्टल शुरू किया। अब नए नियम के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे निजी स्कूल में दाखिले के हकदार तभी होंगे जब स्कूल प्रबंधन सरकारी पोर्टल पर नाम सूचीबद्ध करेगा। इसके लिए एक सप्ताह तक पोर्टल पर पंजीकरण का मौका दिया गया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से शनिवार 23 अप्रैल को इस पोर्टल को शुरू कर दिया गया। पहले दिन जिले के किसी निजी स्कूल ने इसमें रूचि नहीं दिखाई। हालांकि पहले दिन देर से पोर्टल खुला। ऐसे में संभावना है कि आगामी 30 मार्च तक पोर्टल पर निजी स्कूलों के नाम दिखाई दें।
नियम 134 की तर्ज पर दाखिले लेकिन रूपरेखा बदली
आर्थिक रूप से कमजोर (वार्षिक 1.80 लाख आमदनी) वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिले का अधिकार 134ए की तर्ज पर ही मिलेगा लेकिन मनचाहे निजी स्कूल में दाखिले का हक अब नहीं होगा। निजी स्कूलों के विरोध से बचने के लिए सरकार ने ऐसे स्कूलों को सूचीबद्ध करने के आदेश जारी किए हैं जो स्वयं सरकारी फीस भुगतान की एवज में बच्चों को दाखिला दिलाने के इच्छुक हैं। इसके लिए दूसरी से 12वीं तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी निजी स्कूल में निशुल्क शिक्षा हासिल करेंगे। वहीं, सरकार इन स्कूलों को दूसरी से 5वीं कक्षा के लिए प्रति छात्र 700 रुपये, कक्षा छठी से 8वीं तक नौ सौ रुपये, 9वीं से 12वीं 1100 रुपये फीस का भुगतान करेगी।
स्कूलों को आदेश की प्रति भेज दी गई है। राज्य की ओर से भी इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। आगामी 30 अप्रैल तक निजी स्कूल पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीद है कि स्कूल इसमें रुझान दिखाएंगे।
- रितु चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी