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जुर्माने का नहीं रहा डर...इसलिए मास्क छोड़ आए घर

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फरीदाबाद। सार्वजनिक स्थान, कार्यालय क्षेत्र में फेस मास्क न पहनने पर लगने वाले जुर्माने का प्रावधान अब खत्म कर दिया गया है। दो मार्च को राज्य सरकार व विभिन्न सरकारी विभाग निदेशालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऐसे में रविवार को शहर के सार्वजनिक स्थान पर लोग बगैर फेस मास्क के बेखौफ घूमते हुए नजर आए। मंदिर, पार्क, मार्केट क्षेत्र सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थान पर यह नजारा देखने को मिला। हालांकि प्रशासन का कहना है कि लोग सावधानी जारी रखें। अब जागरूकता ही लोगों के काम आएगी।
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रविवार को नवरात्र का दूसरा दिन रहा। तिकोना पार्क स्थित महारानी वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालु फेस मास्क लगाए बिना ही मंदिर में पूजा करने पहुंचे। श्रद्धालु घरों से निकलकर सुबह ही मां ब्रह्चारिणी की पूजा अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके चेहरे पर मां के दर्शन और फेस मास्क की अनिवार्यता खत्म होने की खुशी साफ दिखाई दी। एसजीएम नगर निवासी आरती ने कहा कि लगातार दो साल से कोरोना के कारण मां के दर्शन भी दुर्लभ हो गए। मंदिरों में प्रवेश वर्जित रहा। अब दो साल बाद ऐसा मौका आया है जब न तो मां से मिलने में कोई रोक है न ही चेहरे मास्क के पीछे छिपाने की अनिवार्यता।
मेले में सैलानियों ने भी हटा दिए चेहरे से मास्क
सरकार की ओर से मास्क न लगाने पर जुर्माना हटाते ही अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में पहुंच रहे सैलानियों ने भी रविवार को अपने चेहरे से फेस मास्क हटा दिया। जम्मू-कश्मीर थीम स्टेट से आए कई सैलानी भी इस दौरान बगैर फेस मास्क के घूमते दिखे। पार्टन कंट्री उजबेकिस्तान की स्टॉल पर विदेशी महमान भी फेस मास्क हटाकर खिलखिलाते दिखे। पूछने पर उन्होंने कहा कि अब मेले में चेहरा छिपाना अच्छी बात नहीं। वह बेहद खुश हैं कि अब कोरोना के मामले घट रहे हैं और लोगों की जिंदगी एक बार फिर सामान्य होने लगी है।
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मार्केट में ग्राहक-दुकानदार ने उतारे फेस मास्क
मास्क की अनिवार्यता खत्म होते ही मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारी व ग्राहक दुकानदारों की खुशी का ठिकाना नहीं है। एनआईटी-1, 4, 5 ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-15,16, 21 व ग्रेटर फरीदाबाद के बाजारों में निकले ग्राहक मास्क घर ही छोड़ आए। इस बीच दुकानदारों के चेहरे पर भी फेस मास्क नजर नहीं आया। एनआईटी-1 स्थित संजय साड़ी विक्रेता ने बताया कि फेस मास्क लगाकर खरीदारी करने वाले लोग पहले ट्रायल रूम में कपड़े ट्राई करने से भी बचते थे। ऐसे में दुकानदारी प्रभावित हो रही थी। अब जैसे-जैसे कोरोना के नियमों में ढील मिल रही है, ग्राहकों का आत्मविश्वास भी लौट रहा है। वह दुकान पर खरीददारी करने में रुचि ले रहे हैं। रविवार को ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदारों ने चेहरे से फेस मास्क हटा लिए।
मात्र दो माह में तेजी से बदले नियम
राज्य सरकार ने जनवरी में नो मास्क-नो सर्विस के नियम लागू किए। इस दौरान बगैर टीकाकरण प्रमाण व फेस मास्क के लोगों को सरकारी सुविधाएं न देने के आदेश जारी किए गए। मॉल, अस्पताल, पार्क, शॉपिंग कांप्लेक्स में मास्क पहनना अनिवार्य रखा गया। उधर, रविवार को ठीक दो माह बाद स्थिति बिल्कुल विपरीत नजर आई। बाजारों में आने जाने वालों पर कोरोना नियमों को लेकर किसी तरह की कोई पाबंदी नजर नहीं आई।
सैनिटाइजर व मास्क को भूलने की गलती न करें
विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरी होने पर भी साधारण सर्जरी मास्क ही पहनें। यह मास्क 90 फीसदी से ज्यादा सुरक्षा देने में कारगर है। इस बीच फेस मास्क व हैंड सैनिटाइजर को भूलने की गलती बिल्कुल न करें। जागरूकता के साथ जीवन व्यतीत करें। बीके नागरिक अस्पताल के सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल कोरोना वायरस के अनावश्यक ज्ञान पर बिल्कुल ध्यान न दें। कोई भी संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने या संक्रमित हाथों को छूने से फैलता है। इसलिए बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने के तुरंत बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
उपायुक्त की अपील, अस्पताल में मास्क लगाएं
उपायुक्त जितेंद्र यादव ने जन साधारण से अपील की है कि अस्पताल में फेस मास्क लगाएं। यहां अब भी कोरोना व अन्य संक्रमण रोग के मरीज हैं। ऐसे में जरूरी है कि स्थान विशेष के अनुसार कोविड नियमों का पालन करें। लोगों से मिलते समय दूरी बनाने की कोशिश करें। गैर जरूरी लगने पर मास्क हटा लें।
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