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फैसले पर अफवाहों से आहत निकिता का परिवार

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फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। निकिता तोमर हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। एक तरफ कोर्ट के फैसले से मृतक निकिता का परिवार आहत है, तो दूसरी ओर अफवाहों के बाजार ने परिवार को बेचैन कर दिया है। दबी जुबां से लोगों का कहना है कि परिवार ने मामले में शायद ढील दी, इसलिए कोर्ट ने हत्याकांड के दोषी को फांसी का सजा नहीं दी। वहीं, निकिता के पिता मूलचंद तोमर ने बताया कि उन्हें लगातार लोगों के फोन आ रहे हैं। लोग सीधे ही मृतका के पिता से पूछते हैं कि कहीं इस मामले में कोई समझौता हुआ है क्या।
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मूलचंद तोमर के मुताबिक बीते दिनों कानपुर में सक्रिय हनुमान दल संगठन के कुछ कार्यकर्ता उनके घर चले आए। उन्होंने कहा कि सुना है कि दोषी पक्ष से कुछ समझौते के कारण बिटिया का केस ढीला पड़ गया है। इधर दिल्ली से भी कुछ लोग ऐसी ही अफवाहों की पुष्टि करने सीधे उनके घर पहुंचे थे। मूलचंद तोमर का कहना है कि 26 मार्च को कोर्ट के फैसले से करीब एक सप्ताह पहले उन्हें पता लगा कि फतेहपुर बिल्लोच में किसी व्यक्ति ने दोषी पक्ष से करीब 17 लाख रुपये मामले में समझौते कराने के नाम पर लिए हैं। हालांकि यह सच है या अफवाह इन सब बातों में वह नहीं पडे़। उनकी बेटी ने जिंदगी के लिए काफी संघर्ष किया। उसे न्याय दिलाने के लिए वह भी पूरा संघर्ष करेंगे। (संवाद)
सोसाइटी के लोगों को समझाने के लिए बुलाई सभा
मूलचंद तोमर ने बताया कि उनकी अपनी सोसाइटी भी अफवाहों से अछूती नहीं रही। कुछ लोग मामले में समझौते की बात कर रहे थे। ऐसे में उन्होंने करीब तीन सौ लोगों के संग सभा रखी। बताया कि सब अफवाहें हैं। वह अपनी बेटी के नाम पर सौदा नहीं करेंगे। वह न्याय के लिए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। उनके समझाने के बाद सोसाइटी के लोगों को यकीन हुआ कि परिवार कितनी मुश्किल हालात में है।
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बैंक खातों की कराई गई जांच
मूलचंद तोमर के अनुसार सरकार ने उनके बैंक खातों की भी जांच कराई है। करीब डेढ़ महीने पहले कुछ अधिकारी उनके घर आकर उनके व पत्नी विजया तोमर के खातों की कॉपी अपने साथ ले गए थे। जांच के दौरान मूलचंद तोमर के बैंक खाते में करीब 55 हजार और विजया तोमर के खाते में करीब 65 हजार रुपये मिलने की पुष्टि हुई। निकिता के मामा एदल सिंह रावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता इस मामले की हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक मामला हाईकोर्ट में चला जाएगा।
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