Negligence: 410 people returned from abroad, only 60 gave information, health department's concern increased
फरीदाबाद। दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ऑमिक्रॉन का खतरा बढ़ने के बाद दो दिन में 400 से ज्यादा लोग शहर में वापस लौटे है। इनमें से केवल 60 लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जानकारी सांझा की है। 350 लोग जानकारी देने से बच रहे हैं। ऐसे में यह शहरवासियों के लिए खतरा बन सकते है। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने कहा कि यदि इन लोगों ने जल्द स्वास्थ्य विभाग को अपनी जानकारी नहीं दी तो उसके खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
कुछ देशों में ऑमिक्रोन वैरिएंट के मामले देखने को मिले हैं, जिसे लेकर भारत के सभी राज्य अलर्ट पर हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से विदेशों के आने वाले लोगों पर खास निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग को जो जानकारी मिली है। उसमें पिछले दो दिनों में यूके, जापान, अमेरिका, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों के 410 लोग वापस फरीदाबाद लौटे हैं। इनमें सोमवार को 41 लोग और मंगलवार को 169 शामिल हैं। विदेश से लौटने पर एयरपोर्ट पर सभी के आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए, जो निगेटिव आए। जिले में विदेश से लौटने वाले सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग को सूचना देनी अनिवार्य है। साथ ही सात दिन के लिए होम आइसोलेशन में रहना अनिवार्य है। आठवें दिन स्वास्थ्य अधिकारी उनका आरटीपीसीआर टेस्ट करेंगे। जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें एक सप्ताह के लिए और होम आइसोलेशन में रहने के आदेश है।
जिले में अभी तक केवल 60 लोगों ने जानकारी सांझा की है। जबकि 350 लोग ऐसे हैं जो जानकारी देने से कतरा रहे हैं। परिजनों से संपर्क करने पर वह बहाना बना देते हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। इसलिए ऐसे लोगों से अपील की है कि वह अपनी जानकारी सांझा करें। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कोविड-19 नियमों के तरह पुलिस में मुकदमा तक दर्ज कराया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि नए वैरिएंट के प्रति अलर्ट रहने के निर्देश उच्च अधिकारियों ने जारी किए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेस्टिंग को बढ़ा दिया है। रोजाना लगभग 2500 से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं। विदेश से लौटने वाले लोगों की भी निगरानी हो रही है। पहले तो उन लोगों का एयरपोर्ट पर ही टेस्ट किया जा रहा है। रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद उन्हें घर भेजा जा रहा है। घर पर आने वाले बाद उन्हें क्वारंटीन में रखा जा रहा है। सात दिन बाद उनका दोबारा से टेस्ट किया जाएगा। अगर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उन्हें कोरोना केयर सेंटर में रखा जाएगा।