फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट की फटकार पर एक दिन तोड़फोड़ कार्रवाई कर नगर निगम और वन विभाग शांत हो गया है। तीन दिन से अरावली में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, शनिवार को भी कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, जबकि इस संबंध में 27 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना है।
अरावली में वन विभाग की करीब 500 हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण है। इनमें लगभग 140 फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, होटल व कॉलोनियां शामिल है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम और वन विभाग की ओर से दो माह से तोड़फोड़ की जा रही है। खोरी में तोड़फोड़ के बाद निगम की ओर से दो अन्य कॉलोनियों में भी तोड़फोड़ की गई। लेकिन फार्म हाउसों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से लेकर नगर निगम और वन विभाग तक सभी अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।
20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद वन विभाग और नगर निगम की टीम ने चार फार्म हाउसों को और तोड़ा। जबकि सूची 15 की बनाई गई थी। इसके बाद तीन दिन से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिछले दो माह में अब तक कुल 13 फार्म हाउस को ढहाया गया है। यदि इसी प्रकार से कार्रवाई चली तो एक साल में भी सभी फार्म हाउसों को नहीं तोड़ा जा सकेगा। इस संबंध में जब नगर निगम और वन विभाग अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया।
अरावली में फार्म हाउस सहित अवैध निर्माणों पर तोड़फोड़ कार्रवाई के लिए वन विभाग नोडल एजेंसी है। वन विभाग के आदेश पर ही कार्रवाई की जाती है और रोकी जाती है। इस संबंध में वन विभाग अधिकारी जानकारी देंगे।
- गौरव अंतिल, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम