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Faridabad News: ग्रेटर फरीदाबाद में 25 बिल्डरों के 30 प्रोजेक्ट लैप्स घोषित

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फरीदाबाद। हरियाणा रियल एस्टेट प्राधिकरण (हरेरा) ने दस्तावेज पूरे नहीं होने ग्रेटर फरीदाबाद में 25 डेवलपर्स के 30 प्रोजेक्ट को लैप्स करार कर दिया। इन प्रोजेक्टों में खरीदारों को फ्लैट लेते समय ओसी नहीं मिलने सहित अन्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है, हालांकि कार्रवाई के इतर प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य जारी है।
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ग्रेटर फरीदाबाद में करीब डेढ़ लाख लोग रहते हैं। इसके साथ ही छोटे-बड़े करीब 50 डेवलपर्स के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। हाईराइज सोसाइटियों का निर्माण किया जा रहा है। ग्रेटर फरीदाबाद-नोएडा-दिल्ली एक दूसरे के बेहद नजदीक लाने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे और नोएडा से कनेक्टिविटी के लिए यमुना पर गांव मंझावली में पुल बन रहा है। इसके साथ ही फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) परियोजना पर भी प्रस्तावित है। इन सभी प्रोजेक्टों को देखते हुए कई बड़े डेवलपर्स यहां निवेश के लिए आगे आए हैं।
हरियाणा रियल एस्टेट प्राधिकरण की वेबसाइट के अनुसार, इनमें मीनल हाउसिंग ग्रुप की ओर से सूरजकुंड रोड पर एसआर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, आनंगपुर सेक्टर-37 में कॉमर्शियल कॉलोनी, सेक्टर-41 में मैक्स हाइट सोसाइटी का निर्माण किया जा रहा है। पुरी कंस्ट्रक्शन डेवलपर्स द्वारा सेक्टर-81 में 81 हाई स्ट्रीट और आनंद विला, अग्रसेन स्पेस एलएलपी डेवलपर्स द्वारा सेक्टर-70 में आगमन सोसाइटी के अलावा कई अन्य डेवलपर्स के 30 प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
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डेवलपर्स को हरेरा से निर्माण कार्य के लिए तो लाइसेंस मिल चुका हैं, लेकिन प्राधिकरण में पंजीकरण कराने के बाद तय समय में प्रोजेक्ट पूरी होने की जानकारी नहीं दी गई है, इसलिए वेबसाइट पर इन्हें लैप्स दिखाया गया है। क्यूआरपी अपलोड नहीं होना दर्शाया गया है। ऐसे में यदि बिल्डर का प्रोजेक्ट पूरा हो भी जाता है और उसके बाद यदि जिला नगर योजना से ओसी लेने जाएगा तो उसे हरेरा का लाइसेंस नहीं होने के कारण ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) लेने की राह मुश्किल हो सकती है। जिससे खरीदार को जमीन की रजिस्ट्री कराने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, बिल्डरों का कहना है प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं। प्रोजेक्ट के पूरा होना संबंधी दस्तावेज हरेरा में जमा करा दिए गए हैं, लेकिन उन्हें वेबसाइट पर अपडेट नहीं किया गया है।


कष्ट निवारण समिति में उठ चुका है मामला
बीपीटीपी बिल्डर के प्रोजेक्ट में बायर्स को ओसी नहीं मिलने का मामला पिछले दिनों जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठ चुका है। उन्होंने जिला नगर योजनाकार और बिल्डर को निर्देश जारी कर जल्द फ्लैट धारकों को ओसी देने के आदेश दिए थे।




क्यों आवश्यक होता है हरेरा का पंजीकरण
ग्रेटर फरीदाबाद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद मनोचा ने बताया कि डेवलपर्स को किसी भी बिल्डर प्राेजेक्ट शुरु करने के लिए हरेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के दौरान प्रोजेक्ट पूरा करने का समय भी बताना होता है, यदि वह तय समय में पूरा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें दोबारा अतिरिक्त फीस जमा करवा कर एक साल का अतिरिक्त समय मिल जाता है। यदि उसमें भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता है तो उसे लैप्स दिखाया जाता है। दूसरी तरफ बिल्डर प्राधिकरण के डीटीपी विभाग से निर्माण कार्य का लाइसेंस ले कर प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर देते हैं। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सबसे बड़ी दिक्क्त उस समय आती है जब बिल्डर प्रोजेक्ट पूरा करने के बाद उसे ओसी नहीं मिल पाता है। ऐसे में खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं हो पाती है।



पार्क ग्रेंड्यूरा सोसाइटी का भी एक मामला हरेरा में लगा हुआ है। ब्याज मुक्त रखरखाव सुरक्षा शुल्क (आईएफएमएस) के करीब सात करोड़ रुपये बिल्डर ने अब तक नहीं लौटाए। सोसाइटी में एसटीपी का निर्माण पूरा नहीं हुआ। जनरेटर आ गया है, लेकिन चालू नहीं किया गया। - निर्मल कुलश्रेष्ठ, अध्यक्ष, कंफेडरेशन ग्रेफा

हमारे सभी प्रोजेक्ट पूरे हो गए है। खरीदारों को सौंप दिए गए हैं। प्रोजेक्ट के पूरा होने की जानकारी हरेरा को देना जरूरी नहीं होता है, इसलिए वेबसाइट में लैप्स दिखाया गया है। - मंदीप सिंह ओबरॉय, एमडी, पुरी कंस्ट्रक्शन लिमिटेड


प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। इस संबंध में जानकारी हरेरा को उपलब्ध करा दी गई है। खरीदारों के लिए अब कोई दिक्कत नहीं है। - हितेश चौधरी, पार्टनर, अमोलिक रेजीडेंसी, डेवलपर्स

हमारे प्रोजेक्ट पूरे हुए है या नहीं, इस संबंध में खरीदार मेरे पास आकर जानकारी ले सकते हैं। बेवसाइट के बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं। - राजीव जैन, निदेशक, अरिहंत ग्रुप

हरेरा में पंजीकृत जिन बिल्डर के प्रोजेक्ट पूरे हो गए है। उन्हें ओसी उपलब्ध करवाई जा रही है। जो लंबित हैं उन्हें रोका गया है। - देवेंद्र पाल, सीनियर टाउन प्लानर, एचएसवीपी
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रेनू, गोहाना। संवाद

रेनू, गोहाना। संवाद

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