वर्ष 2021 में हरियाणा सरकार ने प्रस्ताव पेश किया था, अप्रैल 2022 में डीपीआर सौंपी गई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ स्थित राजा नाहर सिंह बस अड्डे को आधुनिक मॉडल बस टर्मिनल के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पिछले करीब पांच वर्षों से चर्चा में है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। वर्ष 2021 में हरियाणा सरकार ने पहली बार इस बस अड्डे को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल टर्मिनल के रूप में विकसित करने का औपचारिक प्रस्ताव पेश किया था। उस समय इसे क्षेत्र के विकास की बड़ी परियोजना के रूप में देखा गया और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी।
अप्रैल 2022 में इस मेगा प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी गई। घोषणा के अनुसार लगभग एक हजार करोड़ रुपये की लागत से बस टर्मिनल का निर्माण किया जाना था। परियोजना में आधुनिक प्रतीक्षालय, एस्केलेटर, लिफ्ट, मल्टीलेवल पार्किंग, व्यावसायिक परिसर और अत्याधुनिक बस बे जैसी सुविधाएं शामिल करने की बात कही गई थी। निर्माण एजेंसी के तौर पर हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का नाम सामने आया।
हालांकि डीपीआर जमा होने के एक वर्ष बाद भी परियोजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी। वर्ष 2023 में मामला मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के बीच फाइलों में अटका रहा। पहले चरण के लिए करीब 200 करोड़ रुपये के बजट का अनुमान रखा गया, लेकिन वित्तीय स्वीकृति और धन आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद वर्ष 2024 और 2025 के दौरान परियोजना को पीपीपी अथवा बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर विकसित करने को लेकर चर्चाएं चलती रहीं। कार्यान्वयन के मॉडल और निवेश की भारी राशि को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन होता रहा, परंतु टेंडर प्रक्रिया तक जारी नहीं की जा सकी।
वर्तमान स्थिति यह है कि फरवरी 2026 तक भी बस अड्डे के पूर्ण पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं, बजट की स्वीकृति और केंद्र-राज्य स्तर पर समन्वय की कमी के कारण परियोजना लंबित बताई जा रही है। इस बीच जिले में अन्य परिवहन परियोजनाओं, जैसे इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति दी गई है, लेकिन बस अड्डे के आधुनिकीकरण का मामला अब भी ठंडे बस्ते में है।
इधर बस अड्डे की मौजूदा स्थिति यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पर्याप्त शेड न होने से लोगों को धूप और बारिश में खुले में खड़ा रहना पड़ता है। बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जबकि गर्मियों में छांव की कमी यात्रियों को परेशान करती है। फिलहाल पुराने डिपो परिसर में रंगाई-पुताई और छोटी-मोटी मरम्मत का काम कराया जा रहा है, जिससे अस्थायी रूप से व्यवस्था संभालने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यदि समय पर इस परियोजना पर काम शुरू हो जाता तो बल्लभगढ़ को एक आधुनिक बस टर्मिनल मिल जाता और शहर की पहचान भी बदलती। अब क्षेत्रवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि लंबित स्वीकृतियां जल्द पूरी हों और वर्षों से घोषित यह योजना आखिरकार जमीन पर उतर सके।
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अधिकारियों ने साधी चुप्पी
राजा नाहर सिंह बस अड्डे के आधुनिकीकरण को लेकर महाप्रबंधक शिखा और परिवहन प्रबंधक नवनीत बजाज से संपर्क करने का प्रयास किया गया। दोनों अधिकारियों को कई बार फोन कॉल किए गए, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किए गए। वहीं संदेश भेजकर भी परियोजना की स्थिति जानने की कोशिश की गई, पर उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।