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स्कूलों के कायाकल्प के लिए जारी राशि का दुरुपयोग, जांच के लिए मंच ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

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Misuse of funds released for rejuvenation of schools, forum wrote letter to Chief Minister for investigation
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बल्लभगढ़। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने सरकारी स्कूलों के कायापलट करने के लिए जारी किए गए करोड़ों रुपये के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। मंच ने इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा। जिसकी प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा व कमिश्नर नगर निगम को भी भेजी गई है। पत्र के साथ सभी 27 स्कूलों की सूची एवं उनमें अधूरे पड़े कार्य के फोटो और इस कार्य के लिए किए गए पत्राचार की फोटोकॉपी संलग्न की गई है।
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मंच प्रदेश अध्यक्ष ओपी शर्मा ने कहा कि 14 मई 2016 में पूर्व कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री की एक रैली आयोजित की थी। उस रैली में मुख्यमंत्री ने 27 सरकारी स्कूलों की जर्जर हो चुकी बिल्डिंग और कमरों को नया बनाने एवं मरम्मत कार्य करने के लिए 10 करोड़ की राशि प्रदान करने की घोषणा की थी। यह पैसा शिक्षा विभाग से होता हुआ नगर निगम के पास भेजा गया था। लेकिन इस पैसे का पूरी तरह से दुरुपयोग हुआ है और शिक्षा विभाग एवं नगर निगम की आपसी मिलीभगत से इस राशि की बंदरबांट हुई है। सभी 27 स्कूलों में खानापूर्ति के लिए थोड़ा बहुत काम किया गया है। अधिकांश में पूरी तरह से काम अधूरा पड़ा हुआ है। इसकी वजह से इन स्कूलों के बच्चों को पड़ोस के सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है।
मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है कि शिक्षा विभाग के पास 10 करोड़ की राशि आ जाने के बाद 8 अप्रैल 2017 को अतिरिक्त मुख्य सचिव राकेश गुप्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी व कमिश्नर नगर निगम फरीदाबाद को पत्र लिखकर सूचना दी कि इन 27 स्कूलों में निर्माण व मरम्मत का कार्य करवाए। वहीं, इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा परियोजना अधिकारी फरीदाबाद से बातचीत की तो उन्होंने स्वीकारा कि सभी 27 स्कूलों में निर्माण व मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हुआ है, काम रुका हुआ है। इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा कमिश्नर नगर निगम फरीदाबाद को 29 अक्टूबर 2021 को पत्र लिखकर दे दी गई है।
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