दोषी पिता के खिलाफ बेटी ने दी गवाही, 65 हजार जुर्माना भी भरेगा दोषी
संवाद न्यूज एजेंसी। फरीदाबाद। बीमार पत्नी की मौत के बाद एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर आरोपी बेटी को जान से मारने की धमकी देता और मारपीट भी करता था। सोमवार को जिला अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल कैद और 65 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है। पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत देने की हिम्मत दिखाई। उसी की गवाही पर अदालत ने फैसला दिया है।
1 अक्तूबर 2019 को पीड़िता ने महिला थाना एनआईटी में दी शिकायत में कहा कि वह दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ी है। एक जुलाई 2019 को बीमारी के चलते मां का देहांत हो गया। पिता रोजाना शराब पीकर घर आता था और पिछले एक साल से उसके साथ गलत काम कर रहा था। पीड़िता ने बताया था कि मां बीमार रहती थी और चल फिर नहीं सकती थी। पिता ने कई बार मां के सामने ही उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। बीमार होने के कारण मां विरोध नहीं कर पाती थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर शिकायत मिलने के कुछ देर बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सरकारी अधिवक्ता प्रताप सिंह ने पीड़िता व पुलिस की तरफ के केस की पैरवी की। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कैद और 65 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है।