बिजली न होने से फ्रिज बंद होने से खाने-पीने की चीजें भी हो रहीं खराब
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बिजली नहीं है, इनवर्टर डिस्चार्ज हो चुके हैं और घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं बची है...यह दर्द किसी एक घर का नहीं, बल्कि फरीदाबाद की कॉलोनियों में रहने वाले हर उस परिवार का है जो दो दिनों से परेशान है। बुधवार रात 11 बजे से ठप हुई बिजली ने जिला वासियों की नींद और सुकून दोनों छीन लिया है। बिजली के साथ गहराए जलसंकट ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह बेपटरी कर दिया है। एनआईटी-1 और नीलम बाटा रोड स्थित आरओ प्लांटों पर बोतलबंद पानी खरीदने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं लोग पार्कों में लगे नलों से कपड़े धोते हुए भी नजर आए।
पुरानी जनता कॉलोनी निवासी गुरप्रीत कौर कहती हैं कि पानी न होने से घरों में बर्तनों और गंदे कपड़ों के ढेर लग गए हैं। फ्रिज बंद होने से खाने-पीने की चीजें खराब हो रही हैं। एनआईटी-2 निवासी सरोज बताती हैं कि घर में एक बूंद पानी नहीं है, बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं, जिसके दाम भी आसमान छू रहे हैं। शौचालय और खाने के लिए भी एनआईटी-5 स्थित अपने रिश्तेदारों के घर जाना पड़ रहा है। एनआईटी-5 से एनआईटी-2 तक पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक और रातों काटने के लिए इमरजेंसी लाइटों का सहारा लेना पड़ रहा है।
राहुल कॉलोनी निवासी नीलम गोल चक्कर स्थित पार्क में पौधों की सिंचाई के लिए लगे नल से पानी भरकर घर ले जा रहे हैं। राहुल कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि घरों में नल सूखे पड़े हैं। ऐसे में रोजमर्रा के कामों के लिए पानी पार्कों से भरकर ले जाने को मजबूर है।
जल एवं सीवरेज प्रबंधन संस्थान भी प्रभावित
शहर में बिजली संकट के कारण फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) के अंतर्गत आने वाले जल एवं सीवरेज प्रबंधन संस्थान भी प्रभावित हो रहे हैं। बिजली न होने के कारण अधिकांश डिस्पोजल, एसटीपी, रेनीवेल और बूस्टिंग स्टेशन जनरेटर के सहारे चलाए जा रहे हैं।
कुल संख्या
जनरेटर पर संचालित यूनिट
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)
5
3
सीवेज डिस्पोजल
20
7
रेनीवेल की संख्या
22 22
बूस्टिंग स्टेशन
8
8
कुल स्थायी कर्मचारी अस्थायी कर्मचारी
1,231 850