15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा, एक साल का बेटा भी मां के साथ जला था
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश अमृत सिंह चालिया की अदालत ने मंगलवार को अपनी ननद आरती को आग से जलाकर मारने के जुर्म में महिला नेहा को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने नेहा को उम्रकैद की सजा सनाई है और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
डबुआ थाने में महिला संजू देवी ने बेटे शिवशंकर की पत्नी नेहा के खिलाफ 10 मई 2019 को मामला दर्ज कराया था। संजू का एक बेटा शिवशंकर व एक बेटी आरती थी। मां ने बेटे शिवशंकर की शादी उड़िया कॉलोनी में रहने वाली नेहा से कराई थी। महिला संजू ने बेटी आरती की शादी बिहार में की थी। आरती 9 मई 2019 को अपने तीनों बच्चों के साथ मायके उड़िया कॉलोनी में आई थी। ननद-भाभी में अक्सर अनबन रहा करती थी। 9 मई को ही रात में सभी अपने-अपने कमरों में जाकर सो गए। रात करीब 12:30 बजे आरती की पांच साल की बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनकर संजू जाग गई। बच्ची ने अपनी मां आरती व भाई को आग की लपटों से बचाने की कोशिश की, लेकिन वह बुझा नहीं सकी। इसके चलते आरती और उसके एक साल के बेटे की आग में जलकर मौत हो गई। मामले की जांच में सामने आया कि नेहा ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई थी। पुलिस ने जांच के बाद नेहा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। न्यायालय ने मंगलवार शाम गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर नेहा को उम्रकैद की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया।