कस्टोडियल डेथ मामले में सीसीटीवी, मेडिकल रिकॉर्ड और ड्यूटी रजिस्टर सुरक्षित रखने के निर्देश
19 अगस्त को अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। नीमका जिला जेल में न्यायिक हिरासत के दौरान विचाराधीन बंदी रंकित उर्फ रितिक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए महानिदेशक कारागार से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट हरियाणा मानवाधिकार आयोग के महानिदेशक (जांच) के माध्यम से अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग के सदस्य दीप भाटिया ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बंदी को न्यायिक हिरासत के दौरान शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। साथ ही यह भी कहा गया कि वह अवसाद से पीड़ित था, लेकिन उसे समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया था। शिकायत में जेल प्रशासन पर आत्महत्या रोकथाम संबंधी मानकों और जेल नियमों का पालन नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।
असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि आयोग ने तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध होनी चाहिए। और कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
शिकायतकर्ता निखिल ने आयोग से मांग की है कि मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं। इनमें जेल परिसर की सीसीटीवी फुटेज, कंट्रोल रूम और सुरक्षा टावर की रिकॉर्डिंग, प्रवेश-निकास रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, दैनिक डायरी, विजिटर रजिस्टर, मेडिकल रिकॉर्ड सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन और घटनाक्रम से जुड़े अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी सुरक्षित रखने की मांग की गई है।