सरकार नकद राशि या दूसरे खाद्य पदार्थ देने पर कर रही मंथन, अंत्योदय योजना में गेहूं वितरण का नियम भी बदलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले करीब 3.5 लाख बीपीएल राशन कार्ड धारकों के लिए अगले महीने से राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो सकता है। गेहूं के साथ मिलने वाला एक लीटर सरसों का तेल बंद करने की तैयारी है। इसकी जगह लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजने या कोई अन्य खाद्य पदार्थ देने पर हरियाणा सरकार विचार कर रही है। इसके साथ ही अंत्योदय अन्न योजना के तहत गेहूं वितरण का नियम भी बदलने जा रहा है, जिससे जिले के हजारों परिवार प्रभावित होंगे।
प्रदेश सरकार अगले एक सप्ताह में तय करेगी कि सरसों के तेल के स्थान पर लाभार्थियों को नकद राशि दी जाए या कोई अन्य खाद्य सामग्री। यदि नकद राशि देने का निर्णय होता है तो यह सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। फरीदाबाद के करीब 3.5 लाख बीपीएल परिवारों पर इस फैसले का सीधा असर पड़ेगा।
सरसों की सरकारी खरीद कम होने से आई दिक्कत
इस बार सरकार के पास सरसों का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पाम और सोयाबीन तेल का आयात प्रभावित हुआ, जिससे देश में सरसों की मांग और कीमतें बढ़ गईं। सरकार ने 6,200 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी तय किया था, लेकिन मंडियों में किसानों को इससे 1,500 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल अधिक कीमत मिली। बेहतर दाम मिलने के कारण किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों की बजाय निजी व्यापारियों को सरसों बेची। नतीजतन सरकारी एजेंसियां लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं कर सकीं और अब तेल वितरण पर असर पड़ा है।
अंत्योदय योजना में बदलेगा गेहूं वितरण का नियम
प्रदेश सरकार अंत्योदय अन्न योजना (गुलाबी राशन कार्ड) में भी बदलाव करने जा रही है। अभी एक राशन कार्ड पर हर महीने 35 किलो गेहूं मिलता है, लेकिन नई व्यवस्था में प्रत्येक पात्र सदस्य को सात किलो गेहूं मिलेगा। इससे बड़े परिवारों को अधिक लाभ मिलेगा, जबकि पांच से कम सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तुलना में कम गेहूं मिलेगा। फरीदाबाद के हजारों अंत्योदय कार्डधारक इस बदलाव से प्रभावित होंगे।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा है कि सरसों के तेल के विकल्प को लेकर सरकार सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है। जल्द ही अंतिम निर्णय लेकर नई व्यवस्था लागू की जाएगी।