फरीदाबाद (दुर्गेश झा)। स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से समुचित एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। विभाग के पास कुल 29 एंबुलेंस में से 12 ही सड़कों पर दौड़ रही है। चालकों के अभाव में 17 एंबुलेंस खराब हो रही हैं।
इससे बीके अस्पताल समेत जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रेफर मरीजों को दिल्ली व अन्य अस्पतालों में पहुंचने के लिए निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस चालकों के लिए करीब 87 पद स्वीकृत है लेकिन मौजूदा समय में करीब 31 चालक ही कार्यरत हैं। उन्हें भी नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के माध्यम से नियुक्त किया गया है। बाकी 56 पद खाली है, जिसे दो वर्षों से नहीं भरा जा रहा है। संवाद
दो साल से नहीं हुई भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में विभाग के पास 29 एंबुलेंस हैं। इसमें से तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस), छह पेशेेंट ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस (पीटीए), तीन गर्भवती महिलाओं को लाने ले जाने के लिए किलकारी और 17 एंबुलेंस बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) की हैं। अधिकारियों के अनुसार स्वीकृत 87 चालकों की पदों में से 56 रिक्त हैं। इन पदों पर दो साल से नियुक्ति नहीं हुई है। इसके लिए कई बार सरकार से मांग की गई और पत्र भी लिखा गया।
ईएमटी के 60 में से 23 रिक्त पद
स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद 29 एंबुलेंस में कम से कम 60 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) होनी चाहिए। लेकिन इसमें भी 23 पद वर्षों से रिक्त है। केवल 37 ईएमटी ही एंबुलेंस पर मरीजों की देखरेख कर रहे हैं।
एंबुलेंस चालकों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा। इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि सरकार द्वारा कुशल चालकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे समस्या दूर हो।
- डॉ. विनय गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी