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नाइट कर्फ्यू से होटल और रेस्तरां संचालक परेशान

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फरीदाबाद। नाइट कर्फ्यू से लेकर होटल, रेस्तरां और उद्यमियों में रोष है। संचालकों ने कहा कि कोरोना काल में हुए नुकसान से अभी थोड़ा उभरे ही थे कि सरकार ने एक बार फिर नाइट कर्फ्यू लगा दिया। इससे कारोबार चौपट होने की संभावना है। उद्यमियों ने कहा कि उद्योगों में कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित होगी। इसके लिए वह सरकार को पत्र लिखेंगे।
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कोरोना रोकथाम के लिए सरकार ने फरीदाबाद समेत प्रदेश भर में रात 10 बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। नाइट कर्फ्यू में पुलिस, मिलिट्री अधिकारी अगर यूनिफॉर्म में है तो उन्हें छूट मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य, बिजली विभाग और मीडिया कर्मी एक्टिवेशन कार्ड के साथ नाइट कर्फ्यू में मूवमेंट कर पाएंगे। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में छोटे बड़े करीब 450 होटल व रेस्तरां है। इसके अलावा 28 हजार छोटी बड़ी कंपनियां है। इनमें करीब पांच लाख लोग काम करते हैं। होटल व रेस्तरां में अधिकांश लोग शाम के समय या रात में खाना खाने जाते हैं और देर रात घर पहुंचते हैं। नाइट कर्फ्यू में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है। इससे होटल व रेस्तरां संचालकों को काम धंधा चौपट होने का डर सताने लगा है। वहीं कंपनियों में तीन शिफ्टों में काम होता है। लगातार कर्मचारियों की सड़कों पर आवाजाही बनी रहती है। इसका असर कंपनियों में उत्पादन क्षमता पर असर पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की छंटनी भी हो सकती है। इससे लोगों को नौकरी जाने का भी डर सताने लगा है।
मजदूरों को आवाजाही पर छूट देनी चाहिए
कोरोना रोकथाम के लिए नाइट कर्फ्यू सही हैं लेकिन सरकार को कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों को आवाजाही पर छूट देनी चाहिए, जिससे उद्योग प्रभावित न हों। नए सिरे से व्यवस्था बनानी पड़ेगी। इससे मजदूर नाइट कर्फ्यू से बचकर तय समय आ सकें।
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- वीरभान शर्मा, प्रधान, फरीदाबाद आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
इसमें सबसे ज्यादा परेशानी कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों को होगी। क्योंकि कंपनियों में तीन शिफ्टों में काम चलता है। कंपनियों को राहत देने के लिए सरकार को पत्र लिखेंगे।
- बीआर भाटिया, प्रधान, फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
रेस्तरां में देर शाम परिवार के साथ खाना खाने के लिए आने वाले लोग अब नहीं पहुंच पाएंगे। इससे काफी नुकसान होगा। एक तो पहले से ही रेस्तरां संचालकों को कमर टूटी हुई है। नाइट कर्फ्यू से काम धंधा चौपट होने की कगार पर पहुंच जाएगा। सरकार को नाइट कर्फ्यू रात 10.30 के बाद लगाना चाहिए।
-गुरदीप सिंह बख्शी, मोरदेन पराठा रेस्तरां संचालक
अधिकांश लोग रात के समय होटलों में रुकते है कई लोग बाहर से आते हैं। सरकार की सख्ती के कारण नाइट कर्फ्यू में लोग होटल तक नहीं पहुंच जाएंगे। होटलों में चल रहे रेस्तरां भी बंद हो सकते हैं। ऐसे में स्टाफ भी कम करना मजबूरी बन सकता है।
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- चंदर सिंह, प्रबंधक होटल द ललित
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