अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने हरियाणा सरकार और विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़ा किया है। नगर निगम के चर्चित 200 करोड़ के घोटाले और हाल ही में सामने आए बैंक घोटालों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों का केवल तबादला करना या उन्हें खुड्डे लाइन लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि फरीदाबाद नगर निगम से लेकर पंचकूला और अन्य बैंक घोटालों के तार भाजपा सरकार के बड़े नेताओं, मंत्रियों और मुख्यमंत्री कार्यालय तक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, मैं पहले भी कहता था और आज भी कह रहा हूं कि इस घोटाले का दरवाजा सरकार के रसूखदारों तक जाता है। पूर्व विधायक ने कहा कि जब विजिलेंस ने स्पष्ट कर दिया है कि इन अधिकारियों, उनकी पत्नियों और दलालों के खातों में घोटाले का पैसा गया है, तो फिर सरकार केवल तबादलों का खेल क्यों खेल रही है?
पूर्व विधायक ने विजिलेंस विभाग से मांग की कि जिस तरह पंचकूला नगर निगम घोटाले में मनी ट्रेल (पैसे के लेनदेन का रास्ता) पकड़ा जा रहा है, उसी तरह फरीदाबाद के 200 करोड़ के घोटाले की भी गहन जांच हो।