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Faridabad News: बाल वाटिका के बच्चों को स्टेशनरी और बैग के लिए मिलने वाली राशि पर संकट

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खाते नहीं खुले तो बच्चों तक नहीं पहुंचेगी राशि
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में पढ़ रहे बाल वाटिका-तीन के बच्चों को स्टेशनरी और बैग के लिए मिलने वाली राशि का लाभ फिलहाल अटकता नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में बच्चों के बैंक खाते अब तक नहीं खुल पाए हैं। ऐसे में योजना की राशि बच्चों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।
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जानकारी के अनुसार फरीदाबाद और बल्लभगढ़ ब्लॉक में बाल वाटिका-3 में करीब 1700 बच्चे पढ़ रहे हैं। शिक्षा विभाग पहली बार इन बच्चों को स्टेशनरी, बैग और अन्य जरूरी सामान के लिए राशि दे रहा है। यह राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में भेजी जानी है। विभाग ने खाते खुलवाने के लिए 7 अगस्त तक का समय दिया था, उसके बाद भी 50 फीसदी बच्चों के भी खाते नहीं खुले हैं। बच्चों के खाते खुलवाने की जिम्मेदारी स्कूलों के अध्यापकों को दी गई है। वहीं शिक्षकों का इस बारे में कहना है कि इसमें कई दिक्कतें आ रही हैं। छोटे बच्चों के फिंगर प्रिंट कई बार मैच नहीं होते। इससे बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती। उन्होंने बताया कि स्कूलों में स्टाफ की कमी भी बड़ी समस्या है। कई शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर में लगी हुई है। इससे खाते खुलवाने के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा कई बच्चों के अभिभावक उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं। उनके दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं के कारण भी खाते खोलने में समय लग रहा है।
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बच्चों के खाते खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षक इस काम में लगे हुए हैं। -चतर सिंह, जिला प्रधान, प्राथमिक शिक्षक संगठन
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