इंस्टाग्राम पर सस्ती साड़ियां, शेयर बाजार में मोटा मुनाफा और रिफंड का झांसा देकर दिया वारदात को अंजाम
अलग-अलग थानों में चार प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने शहर में ठगी का जाल बिछाकर चार लोगों के खातों से करीब 2.72 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने किसी को इंस्टाग्राम पर सस्ती साड़ियों का लालच दिया, तो किसी को शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। वहीं, खाने के ऑर्डर का रिफंड मांग रही महिला का फोन हैक कर पैसे निकाल लिए गए। पुलिस ने इन सभी शिकायतों पर संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पहले मामले में बल्लभगढ़ की श्याम कॉलोनी निवासी पूनम वर्मा ने 19 मार्च को इंस्टाग्राम पर एक पेज देखा था। वहां साड़ियां और ड्रेस पसंद आने पर उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर राहुल स्टोर के नाम पर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिये कुल 51,200 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब सामान नहीं पहुंचा और आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया, तब उन्हें ठगी का पता चला। 21 मार्च को इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में 25 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
दूसरे मामले में सेक्टर-15 ए निवासी अनुभव बैरी को एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से मैसेज आया था। उन्हें एक ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। अनुभव ने झांसे में आकर 10 से 17 मार्च के बीच तीन बार में कुल 1.60 लाख रुपये आरोपियों के बताए खाते में डाल दिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने 29 मार्च को हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दी। साइबर अपराध थाना सेंट्रल में 26 अप्रैल को इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
केक का रिफंड मांग रही महिला का खाता हुआ हैक
तीसरे मामले में नगला पार्ट-1 निवासी गायत्री यादव ने 14 अप्रैल को जोमैटो से केक ऑर्डर किया था, जो रद्द हो गया। गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकालकर उन्होंने रिफंड के लिए फोन किया। दूसरी तरफ से ठग ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और जानकारी भरने को कहा। जैसे ही गायत्री ने लिंक खोला, उनका फोन हैक हो गया और बैंक के खाते से 46 हजार रुपये कट गए। साइबर अपराध थाना एनआईटी में 26 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
वेतन आते ही खाते से उड़े 15 हजार रुपये
चौथे मामले में मुजेड़ी निवासी कृष्णा के साथ भी बैंक धोखाधड़ी हुई है। 10 अप्रैल को शाम करीब पांच बजे उनके खाते में वेतन के पैसे आए थे। जब उन्होंने खाता चेक किया तो पता चला कि बिना किसी लिंक पर क्लिक किए या ओटीपी साझा किए, उनके बैंक के खाते से 15 हजार रुपये किसी अज्ञात यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर हो गए। उन्होंने अगले ही दिन 11 अप्रैल को शिकायत दी, जिस पर 26 अप्रैल को साइबर अपराध थाना बल्लभगढ़ में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इन सभी मामलों में तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।