फरीदाबाद। नगर निगम में 200 करोड़ रुपये के घोटाले में राज्य सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) ने निगम के पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कर को शुक्रवार रात सेक्टर-21डी से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को बीके अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से छह दिन की रिमांड पर भेजने के आदेश हुए। प्रदेश सरकार ने हाल ही में भास्कर को निलंबित कर दिया था।
विजिलेंस टीम को जानकारी मिली थी कि डीआर भास्कर सेक्टर-21डी स्थित एक फ्लैट में है। इसके बाद देर रात टीम मौके पर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शनिवार दोपहर उन्हें मजिस्ट्रेट सुमित तुरकिया की अदालत में पेश किया गया। आरोपी को छह दिन की रिमांड पर लेकर विजिलेंस पूछताछ करेगी। नगर निगम में ठेकेदार को बिना काम करीब 200 करोड़ रुपये के भुगतान मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। इस मामले में विजिलेंस ने दो केस दर्ज किए हैं, जिनमें ठेकेदार सतवीर, पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कर व रमन शर्मा समेत कई नाम शामिल हैं। छह अप्रैल को विजिलेंस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी की थी। हरिद्वार से ठेकेदार सतवीर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से डीआर भास्कर फरार चल रहे थे। इस मामले के तीसरे आरोपी पूर्व मुख्य इंजीनियर रमन शर्मा ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
क्या है मामला
मई-2020 में नगर निगम के तत्कालीन पार्षद दीपक चौधरी, दीपक यादव, महेंद्र सरपंच, सुरेंद्र अग्रवाल ने निगम में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया था। तत्कालीन पार्षदों ने तत्कालीन निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि निगम के लेखा विभाग ने ठेकेदार सतवीर की विभिन्न फर्मों को बिना काम किए भुगतान कर दिया है। निगम आयुक्त ने अपने स्तर पर मामले की जांच कराई। ठेकेदार को भुगतान में अनियमितताएं पाए जाने पर विजिलेंस से जांच की सिफारिश की।