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सूरजकुंड मेले में पहली बार आजादी के गुमनाम नायकों से रू-ब-रू होंगे सैलानी

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फरीदाबाद। इस बार सूरजकुंड मेला सैलानियों के लिए खास होगा। क्योंकि, लोग मेले में देश की आजादी के गुमनाम नायकों की वीरगाथा से भी रू-ब-रू होंगे। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जिला जनसंपर्क विभाग की ओर से पहली बार शहीदों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। विभाग इसकी तैयारियों में लगा हुआ है।
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जिला जनसंपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने बताया कि सरकार के निर्देश के तहत उन गुमनाम नायकों के सम्मान तथा उनके बलिदान पर 35वें अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें प्रदेश समेत फरीदाबाद के सभी वीरों, जिन्होंने देश की आजादी में अपना सर्वस्व बलिदान किया, उनके चित्र व उनकी गाथा को प्रदर्शित किया जाएगा। साल 1962 में हुए भारत-चीन युद्ध, साल 1965 व 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध, कारगिल युद्ध व आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए जवानों की बहादुरी बताई जाएगी। इस प्रदर्शनी में ज्यादा से ज्यादा लोगों के पहुंचने के प्रति जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
इसलिए लगेगी प्रदर्शनी
अधिकारी का कहना है कि जागरूकता के अभाव में देश को आजादी दिलाने वाले स्थानीय वीर सपूत भी गुम होते जा रहे हैं। लिहाजा लोग स्थानीय वीरों की वीरता से रूबरू हों, इसलिए इस प्रदर्शनी को लगाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पहले यह प्रदर्शनी नवंबर व दिसंबर में आयोजित होनी थी, लेकिन किसी कारणवश इसे आगे बढ़ा दिया गया। इसका आयोजन सूरजकुंड मेले में किया जाएगा। प्रदर्शनी 19 मार्च से 4 अप्रैल तक मेला परिसर में लगेगी। इसमें पहुंचने वाले सैलानी जिले के उन नायकों के बारे में आसानी से जान सकेंगे, जिन्होंने देश के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। लोगों को नाट्य मंचन कर भी वीरों की गाथा बताई व सुनाई जाएगी।
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वर्जन-
सूरजकुंड मेले में आजादी के गुमनाम नायकों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसकी तैयारियां जोरों से की जा रही हैं। इसमें सैलानियों को जिले के उन स्थानीय गुमनाम वीरों की जानकारी दी जाएगी, जिन्होंने अपना बलिदान दिया।
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- राकेश गौतम, जिला जनसंपर्क अधिकारी
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