बुढ़िया नाले के 10 किलोमीटर लंबे हिस्से में रिचार्ज संरचनाएं और जल निकाय विकसित किए जाएंगे
16.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे परियोजना पर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में पेयजल की बढ़ती मांग और गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) बुढ़िया नाले का इस्तेमाल करेगा। यमुना में बाढ़ के दौरान आने वाले पानी को नाले के जरिये जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल रिचार्ज करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए नाले के 10 किलोमीटर लंबे हिस्से में रिचार्ज संरचनाएं और जल निकाय विकसित किए जाएंगे। परियोजना पर करीब 16.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नाले के आरडी 25 किलोमीटर से आरडी 35 किलोमीटर तक काम कराया जाएगा। निर्माण के साथ पांच साल तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होगी।
गौरतलब है कि अरावली की पहाड़ियों से यमुना तक करीब 18 किलोमीटर लंबा बुढ़िया नाला जाता है। पहले बारिश के दौरान अरावली से आने वाला पानी इसी नाले के जरिये यमुना तक पहुंचता था। अब आसपास की कॉलोनियों और झुग्गी बस्तियों का गंदा पानी भी इसमें बहता है। चूंकि नाला सीधे यमुना से जुड़ा है, इसलिए प्राधिकरण अब इसका उपयोग भूजल बढ़ाने के लिए करने की तैयारी में है।
हर 30 मीटर पर होगा बोरिंग
योजना के तहत संबंधित हिस्से की सफाई और नए सिरे से खोदाई कराई जाएगी। इसके बाद हर 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग करने की योजना है। नाले में आने वाला पानी जमीन के भीतर पहुंच सके। जल निकायों में पानी जमा होने से भी उसे धीरे-धीरे जमीन में रिसने का मौका मिलेगा। योजना का उद्देश्य यमुना में बाढ़ के दौरान उपलब्ध अतिरिक्त पानी को संरक्षित करना और आसपास के भूजल स्तर को सुधारना है। इससे किनारे लगे रेनीवेल को भी रिचार्ज करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ निर्माण की तकनीक, पानी की गुणवत्ता और भूगर्भीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मांग से 120 एमएलडी कम मिल रहा पानी
शहर में प्रतिदिन करीब 450 एमएलडी पानी की मांग है, जबकि लगभग 330 एमएलडी की आपूर्ति हो रही है। इस तरह 120 एमएलडी पानी की कमी है। आबादी और नए सेक्टरों के विस्तार के साथ मांग बढ़ रही है। ऐसे में भूजल रिचार्ज की यह योजना भविष्य में जल संकट का दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।
वर्जन
बुढ़िया नाले के पानी का उपयोग भूजल स्तर बढ़ाने के लिए किया जाएगा। परियोजना के तहत नाले की सफाई, खोदाई और रिचार्ज के लिए बोरिंग कराए जाएंगे। इससे यमुना में बाढ़ के दौरान आने वाले पानी को जमीन में पहुंचाने और आसपास के रेनीवेल को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी।- अंकित भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए