- उपायुक्त ने निगम के 46 वार्डों के लिए वार्डबंदी के फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर निर्वाचन आयोग को भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिला प्रशासन ने नगर निगम वार्डबंदी का फाइनल ड्रॉफ्ट तैयार कर हरियाणा निर्वाचन आयोग को भेज दिया है। नई वार्डबंदी में नगर निगम में अब 40 के बजाय 46 वार्ड हो गए हैं। नगर निगम क्षेत्र में 13,01,240 वोटर शहर की सरकार इस बार चुनेंगे। ड्रॉफ्ट तैयार होने पर अब शहर में निगम चुनाव की सरगर्मी बढ़ जाएगी।
उपायुक्त कम जिला निर्वाचन अधिकारी विक्रम सिंह ने कहा कि हरियाणा निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार नगर निगम चुनाव के लिए वार्डबन्दी का फाइनल ड्राॅफ्ट बना कर हरियाणा निर्वाचन आयोग के मुख्यालय भेजा दिया गया है। विक्रम सिंह ने कहा कि नगर निगम के 46 वार्डों के लिए वार्डबन्दी के फाइनल ड्राॅफ्ट में कमेटी द्वारा सभी नार्म तैयार करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम में 13,01,240 वोटर है। उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन पहले ही कर दिया था। निगम की मतदाता सूची का विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मौजूदगी में फाइनल प्रकाशन किया गया था। इस बार नगर निगम चुनाव में 13,01,240 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर शहर की छोटी सरकार चुनेंगे। हरियाणा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश पर विगत मई माह में नगर निगम मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन किया गया था। दावे और आपत्तियाें का निपटारा मई में पूरा कर लिया गया था। नगर निगम के 46 वार्डों के लिए अलग-अलग एचसीएस रैंक के अधिकारियों को पुनरीक्षण के तौर पर नियुक्त किया गया था। चुनाव के लिए वार्ड बंदी में मतदाताओं के वोटों के बूथों की वोटर लिस्ट तैयार की गई थी। निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार मतदाता सूची जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है। इस दौरान एडीसी आनंद शर्मा, निवर्तमान मेयर सुमन बाला, एमसीएफ की सयुंक्त आयुक्त शिखा सहित कमेटी के अन्य सदस्य गण उपस्थित रहे।
नए सिरे से हुई हैं वार्डबंदी
प्रशासन ने मतदान केंद्रों को आधार मानकर वार्डबंदी का खाका तैयार कराया गया है। नगर निगम क्षेत्र में नई वार्डबंदी में 40 से बढ़ाकर 46 वार्ड बनाए गए हैं। 46 वार्डों में से फरीदाबाद विधानसभा में सबसे कम आठ वार्ड और बड़खल विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 11 वार्ड बनाए गए हैं, जबकि फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा, तिगांव विधानसभा और बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नौ-नौ वार्ड बनाए गए हैं।
फरवरी-2022 से लंबित हैं नगर निगम चुनाव
नियम के मुताबिक बीते वर्ष फरवरी से पहले ही नगर निगम के चुनाव होने चाहिए थे। कभी वार्डबंदी तो कभी अदालती मामलों के चलते नगर निगम चुनावों को टालते गए। प्रदेश के सबसे बड़े नगर निगम में फिलहाल कोई चुनी हुई कमेटी नहीं है। इसलिए शहर के विकास कार्यों पर इसका असर पड़ रहा है। हालांकि वार्डबंदी के मामले में पारस भारद्वाज ने हाईकोर्ट में केस डाला हुआ है।
चौथी बार निगम क्षेत्र में वार्डबंदी
नगर निगम चुनावों के मद्देनजर वार्डबंदी चौथी बार की गई हैं। इस बार ग्रेटर फरीदाबाद के करीब 24 गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया है, इसके चलते वार्डबंदी की गई है। सबसे पहले साल 1994 में किया गया था और 25 वार्डों का गठन किया गया। वर्ष 2005 में वार्डों का परिसीमन करते हुए 35 वार्ड बनाए गए थे। साल 2016 में वार्डों का परिसीमन करते हुए वार्ड संख्या बढ़ाकर 40 की गई। अब वार्डों की संख्या बढ़ाकर 46 की गई है।
बदले चुनावी समीकरण
निगम चुनाव में फाइनल वार्डबंदी कई का खेल बिगाड़ सकती है। वार्डों में किए गए परिवर्तन के चलते कई संभावित उम्मीदवार उलझन में हैं। वार्डबंदी से जुड़े लोगों का कहना हैं कि पहले के बदले अब वार्डों की संख्या बदल गई है। निगम के अनुसार करीब 15- 20 फीसदी वार्डों के क्षेत्र में बदलाव किया गया है। अब वार्ड संख्या बदल गई हैं।