फरीदाबाद। 200 करोड़ के घोटाले के मामले में सोमवार को विजिलेंस की टीम पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कर को लेकर निगम कार्यालय में पहुंची। फाइल पहले ही गायब करा दी गई। भास्कर ने जांच टीम से कहा था कि निगम से अपने हस्ताक्षर किए बिल, वाउचर व अन्य कागजात बरामद करा देगा। सोमवार को विजिलेंस के अतिरिक्त अधीक्षक अनिल कुमार, डीएसपी पार्थ सारथी और इंस्पेक्टर संतराम पूर्व मुख्य अभियंता को निगम में उसके पुराने कार्यालय में लेकर गए। यहां फिलहाल मुख्य अभियंता रामजीलाल बैठते हैं।
विजिलेंस को कोई फाइल कार्यालय में नहीं मिली। विजिलेंस ने केस में सबूत मिटाने की धारा भी लगाई है। विजिलेंस ने टेंडर करने से लेकर ठेकेदार को बिल भुगतान करने की पूरी प्रक्रिया समझी। करीब एक घंटे बाद टीम चली गई। विजिलेंस आरोपी के उन ठिकानों पर रेड करेगी जहां उसने फरारी के दौरान समय बिताया है। इस मामले में दूसरे आरोपी रमन शर्मा ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई जिस पर 19 मई को सुनवाई होगी। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर विजिलेंस जांच के कारण नगर निगम कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। सभी को यह जानने में जिज्ञासा लगी रही कि भास्कर ने इस मामले में किन लोगों के नाम लिए हैं।