डीसीपी क्राइम नरेंदर कुमार ने बताया कि थाना छायंसा में साल 1991 में एक, साल 1992 में ओल्ड फरीदाबाद थाने में दो चोरी के मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही थाना तिगांव में साल 2015 में एक मामला ठगी का भी दर्ज है।
सीरियल किलर सिंहराज हत्या ही नहीं चोरी-ठगी की वारदात को भी अंजाम दे चुका है। मंगलवार को अदालत में पेश कर दोबारा एक दिन के रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने पुराने मामलों का खुलासा किया है। आरोपी का आपराधिक रिकार्ड काफी पुराना है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
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क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने आरोपी को 22 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में गिरफ्तार करने के बाद रिमांड पर लिया था। आरोपी ने अभी तक तीन किशोरियों व एक युवती की हत्या और दुष्कर्म की बात कबुली थी। रिमांड पर लेने के बाद हुई पूछताछ और जांच पड़ताल में उसके खिलाफ चोरी और ठगी के मामले भी दर्ज हैं।
डीसीपी क्राइम नरेंदर कुमार ने बताया कि थाना छायंसा में साल 1991 में एक, साल 1992 में ओल्ड फरीदाबाद थाने में दो चोरी के मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही थाना तिगांव में साल 2015 में एक मामला ठगी का भी दर्ज है। 22 वर्षीय युवती की हत्या के मामले में रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी को मंगलवार को अदालत मे पेश कर पूछताछ के लिए 1 दिन का और रिमांड लिया गया है।
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पुराने मामलों की दोबारा से शुरू होगी जांच
तीन किशोरियों से दुष्कर्म और हत्या के पुराने मामलों में पुलिस की तरफ से दो केसों को बंद किया जा चुका है। जबकि एक की क्लोजर रिपोर्ट अभी बाकी है। क्राइम ब्रांच अब सभी पुराने मामलों को दुबारा से ओपन कर उनकी जांच शुरू करेगी। इसमें अब दुष्कर्म और हत्या की धारा भी जोड़ी जाएगी। इसके लिए पुलिस ने पुराने मामलों में मृतक किशोरियों के परिजनों से भी संपर्क किया है। उनके बयान भी दर्ज किये जाऐंगे। इसके साथ ही आरोपी से चोरी का सामान भी बरामद किया जाएगा।
शव के अवशेष मिले तो डीएनए से होगी पहचान
पुलिस आरोपी द्वारा दी गई निशानदेही के आधार पर मृतकाओं के शव ढूंढने का प्रयास करेगी। आरोपी ने बताया है कि उसने किशोरियों के शव बोरे में डालकर फेंके थे। ऐसे में थोड़ी ही सही, लेकिन उम्मीद है कि किसी के अवशेष पुलिस को मिल जाएं। यदि ऐसा होता है तो परिजनों के डीएनए से मैच कराकर शव की पहचान की जाएगी।
बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रखा था गार्ड
सिंहराज जिस अस्पताल में काम कर रहा था वहां उसका कोई भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ था। वह बीते 15 साल से नौकरी कर रहा था। अस्पताल परिसर में दो बुजुर्ग दंपति रहते हैं। उनके बच्चे सभी विदेशों में हैं। ऐसे में उन्होंने अपने परिसर की सुरक्षा के लिए दो चौकीदार लगा रखे थे। एक सुबह की ड्यूटी में रहता था और सिंह राज नाइट ड्यूटी में था।