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दर्दनाक: अकबर कहता था-मैं भले ही गरीबी में जीऊं...लेकिन बच्चे को पढ़ा-लिखाकर ऐसा बनाऊंगा कि दूर होगी सारी परेशानी

Tue, 22 Feb 2022 12:11 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में हुए हादसे में अतरु व अकबर की मौत से उनके परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा हो। परिजनों का बीके अस्पातल में रो-रोकर बुरा हाल था। सभी विलाप करते हुए बस यहीं कह रहे थे..अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। कैसे बच्चों को पालेंगे। 
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अकबर व अतरू का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बरात की चढ़त के दौरान बैंड-बाजे में शामिल दो कर्मियों की करंट लगने से मौत हो गई। थाना तिगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार की शाम को बरात की चढ़त हो रही थी। इस दौरान बैंड बाजे में छतरी लेकर चल रहे सोहना निवासी अतरू व अकबर की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक अतरू (53) के नौ बच्चे है। वहीं मृतक अकबर (31) के पांच बच्चे है। दोनों सोहना के पास बनी झुग्गी में रहते थे। 
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अतरु व अकबर की मौत से उनके परिवार पर मानो पहाड़ टूट पड़ा हो। परिजनों का बीके अस्पातल में रो-रोकर बुरा हाल था। सभी विलाप करते हुए बस यहीं कह रहे थे..अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। कैसे बच्चों को पालेंगे। 

मृतक अतरु के परिजनों ने बताया कि उसके नौ बच्चे हैं। इनमें से अधिकांश अभी छोटे हैं। इनका भरण-पोषण अतरु के कमाई से ही होता था। उसे हर शादी-विवाह में बैंड पार्टी के साथ छतरी उठाने में दो घंटे के पांच सौ रुपये मिलते थे। यही हाल 31 वर्षीय मृतक अकबर के परिजनों का भी था। 
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उन्होंने भी बताया कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी अकबर के कंधे पर थी। वह अपनी कमाई से बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहता था। परिजनों ने बताया कि वह अक्सर कहता था..मैं भले ही गरीबी में जीऊं..लेकिन बच्चे को पढ़ा-लिखाकर ऐसा बनाऊंगा कि सारी गरीबी दूर होगी। 
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उन्हें एक अच्छा और पढ़ा-लिखा समाज मिलेगा। वह अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर या इंजीनियर बनाना चाहता। परिजनों का कहना है कि अकबर की मौत से उसके सपने बस अब सपने ही न रह जाए। 

झुलसे चार, लेकिन दो की हुई मौत 
बैंड बाजे में 15 से अधिक कर्मचारी शामिल थे। मृतक अतरु के भाई आलम ने बताया कि छतरी ले जाते समय चार लोगों को करंट लगा था। लेकिन बिजली का झटके ने दो को दूर फेक दिया। जबकि इसमें अतरु और अकबर की मौके पर ही मौत हो गई। आलम ने बताया कि करंट उसे भी लगा था। लेकिन वह बच गया। इस दौरान पूरे बारात व आसपास के लोगों में अफरातफरी का माहौल हो गया।   

बरतें सावधानी 
बिजली निगम के एक अधिकारी ने बताया कि फरीदाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों व अधिकांश कॉलोनियों से गुजर रहे बिलजी के अधिकांश तारों पर प्लास्टिक का कवर नहीं चढ़ा रहता है। वह खुला रहता है। ऐसे में इस समय शादी का सीजन चल रहा है। लिहाजा बारात आदि में शामिल बैंडबाजा वाले सावधानी बरतें। वह किसी भी बारात में शामिल होने के दौरन यह सुनिश्चित करें कि बिजली के खंभों पर स्थित तार कितनी उंचाई पर है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर कहां और कितनी उंचाई पर स्थापित है। थोड़ी सी सावधानी बरतने पर बड़े हादसे से बचा जा सकता है। 
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