आपराधिक दुनिया बसाना चाहता था संतोष
इंस्पेक्टर बसंत के अनुसार उक्त आरोपियों में से संतोष अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील का शार्पशूटर रह चुका है। इसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा कार्रवाई भी की गई है। सूत्रों के अनुसार, संतोष साइबर अपराध में शामिल ठगों को संरक्षण प्रदान करता था। वह मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में अपनी अलग आपराधिक दुनिया बनाने के फिराक में था। इसके लिए उसने साइबर अपराध का रास्ता चुना और सहयोगियों की मदद से फर्जी तरीके से उद्यमियों को शिकार बनाता था। इंस्पेटर बसंत ने बताया कि इस मामले में सभी मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मामले की छानबीन जारी है। इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। इसकी जांच की जा रही है।
बरतें सावधानी
साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने बताया कि कोरोना काल में ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा दिया गया। ज्यादातर लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने लगे। इससे साइबर अपराध का खतरा बढ़ गया है। लिहाजा लोगों को, खासकर उद्यमियों को चाहिए कि वह अपने बजट में साइबर सुरक्षा को भी शामिल करे। समय-समय पर साइबर ऑडिट जरूर कराएं, जिससे किसी भी प्रकार की ठगी से बचा जा सके।
यह था मामला
डीसीपी मुख्यालय नीतीश अग्रवाल अनुसार सेक्टर-28 स्थित शाही एक्सपोर्ट कंपनी के डिजिटल खाते से आठ दिसंबर 2020 को 27.61 करोड़ रुपये किसी अन्य कंपनी में ऑनलाइन स्थानांतरित किए गए। इन पैसों को 154 डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) के माध्यम से ट्रांसफर किया गया था। इसकी जानकारी कंपनी के मालिक हरीश आहूजा को लगी। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस को दी। सितंबर 2021 में मामले की जांच साइबर थाना मामले की जांच शुरू की। अब तक इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।