बल्लभगढ़। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर लघु सचिवालय बल्लभगढ़ में हरियाणा सरकार की ओर से विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान पर हुए प्रहार से जुड़े घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी का अवलोकन बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा, एनआईटी विधायक सतीश फागना, जिला भाजपा अध्यक्ष सोहनपाल सिंह तथा एसडीएम मयंक भारद्वाज सहित अन्य गणमान्य लोगों ने किया।
इस दौरान विधायक मूलचंद शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना को कुचलते हुए देश पर आपातकाल थोप दिया था। उस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। उन्होंने कहा कि संविधान हत्या दिवस मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकतंत्र के महत्व और आपातकाल की वास्तविकताओं से परिचित कराना है। उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आपातकाल के दौर और लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षों की जानकारी प्राप्त की। संवाद