प्रवेश उत्सव और घर-घर संपर्क का नहीं दिखा असर
सूरज कुमार
फरीदाबाद। जिले के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग के प्रयासों का असर दिखाई नहीं दे रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सरकारी स्कूलों में करीब 25 हजार विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है। अगस्त माह चल रहा है लेकिन दाखिले अभी भी पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम हैं।
शिक्षा विभाग ने दाखिले बढ़ाने के लिए स्कूलों में प्रवेश उत्सव और जागरूकता अभियान चलाया था। शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया। उन्हें सरकारी स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या में सुधार नहीं हुआ। दाखिलों की कम संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने नौवीं और 11वीं कक्षा के दाखिले एक बार फिर शुरू किए हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक बच्चों को सरकारी स्कूलों से जोड़ा जा सके। सरकारी स्कूलों में दाखिलों की संख्या कम होना अभिभावकों की पसंद को भी सामने ला रहा है। कई अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। शिक्षा विभाग ने बच्चों को सरकारी स्कूलों से जोड़ने के लिए कई प्रयास किए। स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया गया। जागरूकता अभियान चलाया गया। शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया। उन्हें सरकारी स्कूलों की सुविधाओं के बारे में बताया गया। इसके बाद भी पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 25 हजार विद्यार्थियों की कमी सामने आई है।
वर्जन
सरकारी स्कूलों में दाखिले वर्ष भर चलते हैं। इसके अलावा शिक्षकों को भी ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला कराने के लिए कहा गया है। -बसंत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी