-कुरियर से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगाकर धमकाया और खाते में ट्रांसफर कराए रुपये
- लंबे समय से नहीं हो रहा था लोन, डिजिटल अरेस्ट होते ही पांच सेकेंड में होने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने स्काइप ऐप के जरिए एक मल्टीनेशनल कंपनी में वरिष्ठ सिविल इंजीनियर को दो घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने युवती को डिजिटल अरेस्ट रखते हुए उनका मोबाइल हैक किया और पांच सेकंड में 17 लाख रुपये का लोन करवा पैसे अपने खाते में ट्रांसफर भी करा लिए। ठग ने उनको नशे की तस्करी और काले धन का आरोपी बताते हुए जमकर धमकाया। युवती की शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-28 स्थित सनसाइन अपार्टमेंट निवासी युवती रेचल क्रिस्टीन राजनंदन मलिकार्जुन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 22 जून को एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अभिषेक बताते हुए स्वयं को फेडरल एक्सप्रेस कुरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपने नाम और आईडी से ईरान एक कूरियर जा रहा है। इस कूरियर में 24 ग्राम एमडीएमए नामक ड्रग्स पकड़ा गया है। इसलिए आपके नाम पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उसने कॉल को दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर की। यह व्यक्ति प्रदीप सावंत स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहा था। वह ड्रग्स और एफआईआर की बात सुनकर वो काफी डर गई। फर्जी पुलिस अधिकारी ने उसे बताया कि क्राइम ब्रांच काले धन के मामले की जांच कर रहा है। उन्हें शक है कि कोई उनके बैंक खाते का उपयोग काले धन को वैध बनाने के लिए कर रहा है।
-
स्काइप एप से जुड़वाया
कॉल पर मौजूद फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठग ने मामले की जांच करने के लिए युवती को स्काइप एप से जुड़ने के लिए कहा। इसके बाद वीडियो कॉल पर उसने कहा कि आपके खिलाफ काले धन का मुकदमा बन रहा है। ऐसे में आरोपी ने उसने बैंक की जानकारी साझा करने के लिए कहा। स्काइप एप पर आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए बैंक की जानकारी साझा करने के लिए कहा। इस दौरान उसको बताया कि वह 17 लाख का लोन ले रही हैं। युवती का आईसीआईसीआई बैंक में वेतन खाता है। जालसाज ने कहा कि आरबीआई का एक बैंक खाता नंबर भेजकर रहे हैं, उसे अपने खाते से बेनीफीशरी बनाएं। इस दौरान रेचल ने जैसे ही पर्सनल लोन के लिए बैंक में ऑनलाइन आवेदन किया, उनका मोबाइल साइबर ठगों ने हैक कर लिया। बैंक से पांच सेकंड में 17 लाख रुपये का लोन पास कर दिया गया और पैसे उनके खाते में आ गए। आरोपियों ने लोन के 17 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।
बैंक कर्मी की मिलीभगत का आरोप
रेचल का आरोप है कि इस मामले में बैंक कर्मी की संलिप्तता की आशंका है क्योंकि आरोपियों को ये पता था कि बैंक से लोन करवाने पर तुंरत पास हो जाएगा। जबकि साधारण तौर पर लोन के लिए आवेदन करने पर एक से दो महीने लग जाते हैं, लेकिन यहां बिना किसी जांच पड़ताल के ही लोन को पास कर दिया गया।
मामले की जांच शुरू
मामले में युवती की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
-जसवीर सिंह, प्रभारी, साइबर थाना सेंट्रल