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Faridabad News: बजटः आयकर में छूट के साथ जीएसटी की दरों को किया जाए कम

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आधारभूत ढांचे को मजबूर करने के साथ एफएनजी और मेट्रो परियोजना को गति मिलने की उम्मीद
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को संसद में बजट पेश किया जाएगा। यह उनका लगातार 7वां बजट होगा। इसे लेकर जहां व्यापारी और उद्यमी वर्ग नजर टिकाए बैठे हैं। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को आयकर में छूट की उम्मीद हैं। करदाताओं को उम्मीद है कि बजट में सरकार के पिटारे से जहां एफएनजी और मेट्रो को रफ्तार मिलेगी।
पिछले वर्ष के बजट में सरकार ने आयकर स्लैब में बदलाव की घोषणा की थी। नई कर व्यवस्था को व्यक्तिगत करदाताओं के लिए अधिक आकर्षक बनाने के लिए बदलाव किए गए थे। वर्तमान में, नई कर व्यवस्था में मूल छूट सीमा 3 लाख रुपये है। वहीं बुजुर्गों को 50 हजार रुपये तक के इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स छूट की सुविधा दी गई थी, यानी कोई पेंशनर अपने सेविंग और डाकघर खातों में 50 हजार रखता है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन पेंशनर्स इससे खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि कोई अपना पैसा रखता करता है तो वह बड़ी रकम होगी। इसमें वह टैक्स देगा तो नुकसान होगा। वहीं नौकरीपेशा लोगों ने कहा कि महंगाई के कारण आज उनका वेतन आधा रह गया है। रही बची कसर सरकार टैक्स से निकाल लेती है। इस कारण लगभग हर वर्ग आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। लोगों की मांग है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की सीमा में इजाफा होना चाहिए।
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लोगों से बातचीत
सरकार को आयकर छूट सीमा 10 लाख रुपये तक करनी चाहिए। जिससे लोगों की जेब में ज्यादा पूंजी रहेगी। मार्केट में खुल कर खर्च कर सकेंगे और अपने जीवन स्तर में सुधार ला सकेंगे।
- तरुण गुप्ता, सीए

आयकर भरने वाले दोहरी मार से जूझ रहे हैं। वेतन से ज्यादा खर्चे बढ़ गए। इससे अक्सर लोग तनाव में रहते है। बजट में सरकार से उम्मीद है कि इस बार नौकरीपेशों लोगों को टैक्स में राहत मिलेगी।
- राजीव चावला, अध्यक्ष, आईएमएसएमई ऑफ इंडिया

दिल्ली-एनसीआर सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की खास जरूरत है। पिछले कई वर्षों से फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद और गुरुग्राम फरीदाबाद मेट्रो को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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-मुदिता गोसाईं, निवासी ग्रेटर फरीदाबाद

अभी सरकार की तरफ जीएसटी, आयकर सहित कई प्रकार के शेष वसूले जा रहे हैं। वहीं कच्चे माल की लागत बहुत ज्यादा है। इस कारण कई कंपनियां चाइना से सस्ता माल खरीद रही है। जिससे भारतीय कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है। ऐसे में सरकार को चाइना के प्रोडक्ट पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की उम्मीद है।
- विरेंद्र मेहता, निदेशक, सुप्रीम हाईड्रोलिक
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