तीन बार समाधान शिविर में भी रख चुके हैं समस्या, केवल मिल रहे आश्वासन
निधि कुशवाहा
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 11 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें नगर निगम से जुड़ी पांच शिकायतें सबसे अधिक रहीं। इसके अलावा पुलिस और राजस्व विभाग की दो-दो, बिजली निगम और सेवा विभाग की एक-एक शिकायत आई। शिविर की अध्यक्षता एसडीएम डॉ. हनी बंसल ने की।
शिविर में पहुंचे इंदिरा नगर निवासी, बुजुर्ग रमेश चन्द्र ने बताया कि पिछले एक साल से बिजली मीटर से जुड़ी गलती ठीक कराने के लिए परेशान हैं। उनके नाम पर दो मीटर दर्ज हैं, जिनमें से एक मीटर गलत दर्ज बताया जा रहा है। इसी मीटर के नाम पर 61 हजार रुपये का बिल आया है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि वह कई बार कमरा नम्बर-11 के चक्कर लगा चुके हैं। इसके अलावा तीन बार समाधान शिविर में भी अपनी समस्या रख चुके हैं। इसके बावजूद गलत मीटर से संबंधित मामला नहीं सुलझ पाया है। एक साल से जारी इस भागदौड़ के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। आज भी उन्होंने शिविर में अपनी समस्या रखी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
एसडीएम ने बताया कि शिविर में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय संबंधी त्रुटियां ठीक कराने और परिवार में नए सदस्य जुड़वाने से संबंधित मामले भी प्रमुखता से सामने आए। इसके अलावा राशन कार्ड, अतिक्रमण, पुलिस और बिजली विभाग से जुड़ी समस्याएं भी लोगों ने रखीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीपीपी में गलत आय दर्ज होने से बुजुर्ग विधवा की पेंशन रुकी
सेक्टर-4 निवासी, शांति देवी ने बताया कि उनके परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा होने के कारण उनकी विधवा पेंशन रोक दी गई है। हैरानी की बात तो यह है कि इनकी विधवा पेंशन मात्र तीन हजार रुपये महीना है, लेकिन पीपीपी में सालाना आय तीन लाख रुपये दर्ज है। उन्होंने बताया कि वह 11 नंबर कमरे के कई चक्कर लगा चुकी है। दो बार समाधान शिविर में भी अपनी समस्या रख चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नहीं बन पा रही विधवा पेंशन
आजाद नगर निवासी, सत्तो देवी ने बताया कि उनके पति के मृत्यु को करीब एक साल हो गया है, लेकिन उनकी विधवा पेंशन नहीं बन पा रही है। आर्थिक सहारे के लिए मिलने वाली सरकारी मदद का लाभ पाने की उम्मीद में वह पहली बार समाधान शिविर पहुंचीं। उनका कहना है कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।