फरीदाबाद। सरकारी-निजी स्कूलों में बुधवार को चौथी-पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी लगभग छह माह बाद स्कूल पहुंचे। बरसात के बीच कई छात्र भीगते हुए कक्षा में पहुंच सके। कई बरसात के बीच जलभराव, ट्रैफिक जाम से जूझते हुए देरी से स्कूल पहुंचे तो कई आधे रास्ते से ही लौट गए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी मुनेश चौधरी के मुताबिक बृहस्पतिवार को जिले में काफी बारिश हुई। जलभराव ने भी छात्रों का रास्ता रोका। ऐसे में आने वाले दिनों में छात्र संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
जिले प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान चतर सिंह ने बताया कि इस वर्ष फरवरी में प्राथमिक स्कूल खोले गए थे। फिर कोरोना के मामले बढ़े तो मार्च में स्कूल बंद कर दिए गए। इसके बाद एक सितंबर से स्कूल खोलने के आदेश मिले। बुधवार को छह माह बाद स्कूल खोले गए। हालांकि इस बीच तेज बारिश के कारण छात्रों का रुझान नाम मात्र ही रहा। बेहद कम छात्र ही स्कूल पहुंचे।
निचले इलाकों में बने स्कूलों में घुसा पानी
नौनिहालों के लिए बुधवार से स्कूल तो खोल दिए गए लेकिन बारिश के कारण कई निचले स्कूलों में बरसात व सीवरेज का पानी घुस गया। अजरौंदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय व संत नगर में पानी भर गया। एनआईटी-1 स्थित ब्वॉज विद्यालय में जलभराव के कारण परिसर में प्रवेश तक मुश्किल हो गया। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में खेड़ी, नचौली, तिगांव, दयालपुर सहित कई क्षेत्र में दूरदराज के विद्यार्थी स्कूल पहुंचने से बचे।
एक माह पूर्व 9वीं से 12वीं तक के लिए खुले स्कूल
एक माह पूर्व निदेशालय ने कोरोना पर लगाम लगते देख 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने का निर्णय लिया था। इस बीच शुरुआती दिनों में छात्र ऑनालइन पढ़ाई में रुचि लेते दिखे। वहीं, करीब दो सप्ताह बाद जिले में छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। अब ऐसी ही उम्मीद नौनिहालों से भी लगाई जा रही है। सरकार के इस निर्णय से निजी विद्यालय प्रबंधक बेहद खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि अब शिक्षा पटरी पर लौटेगी।
केवल गिने-चुने छात्रों के साथ लगे कई स्कूल
जिले के कई स्कूलों में छात्रों की संख्या नाममात्र ही रही। अजरौंदा, बुढ़ैना, फरीदपुर, संत नगर विद्यालय में मात्र चार से पांच विद्यार्थी ही पहुंचे। छात्रों के स्वागत के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से किए गए इंतजाम धरे रह गए। वहीं, जो छात्र स्कूल पहुंचे उन्हें तापमान जांच व अभिभावकों की लिखित अनुमति की पुष्टि के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया गया।
नहीं लगी ऑनलाइन हाजरी
शिक्षा विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी लगाने का प्रावधान है। बुधवार को एक ओर छात्र स्कूल पहुंचने के लिए जूझते रहे दूसरी ओर ऑनलाइन हाजिरी का पोर्टल भी ठप पड़ गया। ऐसे में छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी। हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव गौरव पाराशर ने बताया कि मामले की जानकारी जिला शिक्षा विभाग को दे दी गई है। शायद यही कारण रहा कि जिला स्तर पर स्कूलों में छात्रों की हाजिरी का डेटा उपलब्ध नहीं हो सका।
वर्जन-
सभी विद्यालयों में छात्रों के लिए उचित व्यवस्था की गई थी। बारिश के कारण कई स्कूलों में प्रबंधन धरा रह गया। उम्मीद है आने वाले दिनों में छात्र संख्या बढ़ेगी। स्कूल परिसर एक बार फिर छात्रों से गुलजार नजर आएंगे। - मुनेश चौधरी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी