बुधवार का दिन शहरवासियों के लिए बेहद तकलीफदेह साबित हुआ। बिजली कर्मियों की राज्यस्तरीय हड़ताल के चलते शहर के बड़े हिस्से में लगातार कई घंटों तक बिजली गुल रही। कई इलाकों में मंगलवार देर रात ही बिजली काट दी गई तो कई इलाकों में हड़ताल के चलते लोकल फॉल्ट ठीक ही नहीं हो पाए।
बिजली दफ्तरों पर न बिल जमा हुए और न ही उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान हो पाया। बुधवार सबेरे आई बारिश के चलते शहर के 21, देहात के छह और 25 औद्योगिक फीडर ब्रेक डाउन रहे। हरियाणा बिजली कर्मचारी ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में की गई प्रदेशव्यापी बिजली हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखने को मिला।
शहर के अधिकांश हिस्से में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित रही। सभी डिवीजनों और सब-डिवीजनों पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। बुधवार सुबह बीके चौक पर कर्मचारियों की सभा का आयोजन किया गया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए कर्मचारी काले बिल्ले और हाथों पर काली पट्टी बांधे हुए एनएच-पांच सब डिवीजन पर जुलुस निकालते हुए पहुंचे।
कोई कर्मचारी काम पर न लौटे इसकी निगरानी हड़ताली कर्मचारी करते रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व कर्मचारी संघ के नेता सुभाष लांबा, विरेंद्र डंगवाल, नरेश कुमार शास्त्री, अशोक कुमार, गुरचरण खांडिया, युद्धवीर सिंह खत्री, धर्मबीर वैष्णव ने किया। बिजली निगम के सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो डीएचबीवीएन फरीदाबाद सर्कल के 1346 कर्मचारियों में से 1221 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से बिजली निगम के दफ्तरों में काम-काज भी पूरी तरह से ठप रहा। शिकायत केंद्रों, केश कलेक्शन केंद्रों और बिजली दफ्तरों में पूरी तरह से सन्नाटा छाया रहा। अधीक्षण अभियंता व कार्यकारी अभियंताओं के ड्राइवरों के हड़ताल में शामिल होने से इन अधिकारियों को खुद ही ड्राइविंग करनी पड़ी। कई इलाकों में लोकल फॉल्ट हुए तो उन्हें, ठीक करने से कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए। एसडीओ और एक्सईएन स्तर के अधिकारियों ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। कर्मचारी नेताओं ने इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शहर के कई इलाकों की बिजली खबर लिखे जाने तक भी सुचारू नहीं हो पाई थी।
उद्योगों को तगड़ा झटका
बिजलीकर्मियों की हड़ताल से शहर के उद्योगों को भी तगड़ा झटका लगा। शहर के लगभग सभी उद्योगों को जनरेटरों पर आश्रित रहना पड़ा। फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएस त्यागी ने बताया कि हड़ताल से उद्योगों को 40 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा है। उद्यामियों ने अधिकारियों से मांग की थी कि उद्योगों को हड़ताल के दायरे से बाहर रखा जाए, लेकिन अधिकांश औद्योगिक फीडर ब्रेकडाउन रहे। सबसे ज्यादा नुकसान उद्योगों को ही उठाना पड़ा।
निगम को पांच करोड़ का झटका
हड़ताल से बिजली वितरण निगम को पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का झटका लगा है। शहर के बड़े हिस्से में बिजली न होने से बिजली की खपत नहीं हो पाई। वहीं, दूसरी ओर बिजली के बिल जमा न होने से भी राजस्व नहीं मिल सका।