अनंगपुर गांव में बने झील में होनी वाली घटनाओं के बाद उसे खूनी झील कहने पर सेव अरावली संस्था ने नाराजगी जताई है। संस्था ने इसे क्षेत्र और प्रकृति को बदनाम करने की साजिश बताया। संस्था का आरोप है कि जिन्होंने इस इलाके का दोहन किया और अपनी तिजोरी भरी, वही ग्रुप इस इलाके को डरावना बनाकर हड़पने की साजिश रच रहे हैं।
संस्था का कहना है कि अधिकतर युवा यहां आकर नशे की हालत में झील में छलांग लगा देते हैं। तैरना न आना उनकी मौत का कारण बनता है। संस्था ने सवाल किया कि झीलों को बदनाम करके अपने निजी महत्व को पूरा करवाने वाले माफिया सरकार में बैठकर इन खानों की सुरक्षा की बात क्यों नहीं करते।
क्यों नहीं कराते पूरे इलाके की नाकाबंदी। दरअसल, वह चाहते हैं कि आम जनता को डराकर इन झीलों पर कब्जा करें। इनका पानी बेचें, जंगल बेचें और वैंक्वेट हाल व फार्म हाउस बनाकर मोटी कमाई करें। संस्था ने झीलों को खूनी झील न कहने की जनमानस से अपील की है।