एंबुलेंस और डॉक्टर नहीं होने पर भड़के डीआरएम
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई रेलखंड के फरीदाबाद स्टेशन पर चौथी रेलवे लाइन को जोड़ने का काम चल रहा है। इस काम का निरीक्षण करने बुधवार को डीआरएम एससी जैन अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ फरीदाबाद स्टेशन पहुंचे। स्टेशन अधीक्षक से बातचीत करने के बाद उन्होंने मौके पर पहुंच कर करीब दस मिनट चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए चल रही कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां अव्यवस्था व प्राथमिक उपचार की सुविधा न देख डीआरएम नाराज हो गए। उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद उन्होंने यहां एंबुलेंस व डॉक्टर तैनात करने के निर्देश दिए। यहां का निरीक्षण करने के बाद वह दोपहर करीब डेढ़ बजे असावटी में चल रहे फ्रेंट कॉरिडोर परियोजना का निरीक्षण करने निकल गए।
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ने के लिए 24 फरवरी से काम शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना को समय से पूरा करने के लिए एक मार्च तक अधिकांश लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया या उनके रूट बदल दिए गए हैं। इससे परियोजना पर चल रहे काम को बिना किसी रुकावट के तेजी से चलाया जा रहा है।
बुधवार दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे डीआरएम एससी जैन फरीदाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंचे। इसके बाद वह स्टेशन अधीक्षक के साथ उनके कमरे में करीब दस मिनट तक बातचीत की व मौके पर पहुंच गए। यहां काम करने वाले कर्मचारियों के लिए चाय, नाश्ता, पीने के लिए पानी की व्यवस्था न देख कर वह नाराज हुए। उन्होंने काम के दौरान घायल होने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को लेकर भी परियोजना से जुड़े अधिकारियों की जमकर खिंचाई की। डीआरएम ने निर्देश दिए कि बृहस्पतिवार से एंबुलेंस व एक डॉक्टर मौके पर तैनात किया जाए। इसके साथ ही एंबुलेंस चालक व डॉक्टर के मोबाइल नंबर समेत पूर्ण जानकारी कंट्रोल रूम को भी अपडेट की जाए। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे असावटी के लिए निकल गए। इस दौरान उनके साथ डीआरएम ऑपरेशन हेमंत कुमार, स्टेशन अधीक्षक एके गोयल, आरपीएफ इंस्पेक्टर आरके लांबा, जीआरपी थाना प्रभारी मंजीत सिंह समेत रेलवे के कई अधिकारी मौजूद रहे।
बनाई जाएंगी सात अस्थायी गुमटी
डीआरएम ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को बड़खल गांव के पास से फरीदाबाद तक कुल सात अस्थायी रेलवे गुमटी बना कर ट्रेनों का परिचालन मैनुअल तरीके से करने के लिए कहा। 20 फरवरी से एक मार्च तक चारों मुख्य लाइनों को स्टेशन, सिग्नल व केबिन से जोड़ने का काम शुरू होगा। इस दौरान ट्रैफिक को गुमटी से नियंत्रित किया जाएगा।