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Faridabad News: एफसीआई के गोदाम में मिल मालिक जमा कर रहे है घटिया किस्म के चावल

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सरकारी धान को महंगे दाम पर बेचा, बिहार, बंगाल और यूपी से सस्ता चावल खरीद कर की मिलावट
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- , मैनेजर समेत आधा दर्जन अधिकारियों पर कार्रवाई

रोशनलाल शर्मा

होडल। अनाज मंडी में हुए धान घोटाले के चलते मिल मालिकों द्वारा एफसीआई के गोदामों में जमा होने वाले करोड़ो रुपये के चावल की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया हैं। एफसीआई के अधिकारियों ने मिल मालिकों से मिलीभगत कर घटिया चावल गोदाम में जमा करवा दिया। जमा चावल की गुणवत्ता फेल होने के बाद एफसीआई डीएम ने आधा दर्जन अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीएम ने विभाग को कार्रवाई करने को लिखा हैं। वहीं, गोदामों में जमा हुए चावल के लगभग साढ़े तीन हजार कट्टे मानक के अनुरूप नहीं होने पर सैंपल रद्द कर कर दिए गए हैं। सैंपल फेल होने के बाद एफसीआई ने चावल लेने से इंकार कर दिया है।


सोमवार को होडल से एफसीआई के गोदाम में धान से निकला हुआ हजारों कट्टा चावल ट्रकों में भरकर गोदाम पहुंचा। गोदाम के अधिकारियों द्वारा मालिकों से मिलीभगत कर घटिया किस्म का चावल को जमा करने का आरोप लग रहा है। घटिया चावल के जमा होने की सूचना मिलने पर निरीक्षण को पहुंचे एफसीआई के डीएम केके मीणा ने विभाग के आधा दर्जन अधिकारियों पर कार्रवाई की। मीणा ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जमा होने वाले चावल जांच से दूर कर दिया और जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, विभाग को कार्रवाई करने को भी पत्र लिखा है। डीएम ने कहा कि गोदाम के मैनेजर को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि घटिया किस्म का चावल किसी भी सूरत में गोदाम में जमा नहीं किया जाएगा।
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क्या है मामला: शहर की अनाज मंडी से प्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल पर दो लाख चार हजार क्विंटल धान किश्म पीआर 26 व 14 की फसल किसानों से खरीद कर मिल मालिकों को धान से चावल निकालने के लिए दे दिया था। मंडी के पूर्व प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि मंडी अधिकारियों व मिल मालिकों ने मिलीभगत कर सरकार के धान को महंगे दामों पर बेंच दिया। अब मिल मालिक बिहार व बंगाल से सस्ते दामों में किश्म मंसूर व यूपी से पंतपोर किश्म चावल खरीद कर स्थानीय चावल में मिलावट कर एफसीआई में जमा करवा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया की मिलों के सीसीटीवी कैमरों के अलावा बिजली के मीटरों की जांच से खुलासा हो जाएगा।
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सरकार द्वारा किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गई धान से निकले चावल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी। जिससे लगभग साढ़े तीन हजार चावल के कट्टों को वापस कर दिया गया है। इस मामले शामिल गोदाम के मैनेजर को हटाने के आदेश के अलावा आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी और अधिकारियों खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। के.के मीणा, डीएम, एफसीआई
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