फरीदाबाद। अरावली वन क्षेत्र में बसी जमाई कॉलोनी में बृहस्पतिवार को नगर निगम की ओर से तोड़फोड़ कार्रवाई नहीं की गई। निगम की ओर से लोगों को मकान खाली करने के लिए एक दिन का समय दिया गया है। जिससे लोग अपने टूटे घरों का मलबा बेच सके। दूसरी तोड़फोड़ कार्रवाई न होने से लोगों को भारी राहत मिली। दिनभर लोग अपने घरों को खाली करते दिखे।
अरावली में वन विभाग की करीब 500 हेक्टयर जमीन पर अवैध निर्माण बने हुए है। इनमें लगभग 140 फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, होटल व कॉलोनियां शामिल है। सेव अरावली संस्था के जितेंद्र भड़ाना ने कहा कि नगर निगम और वन विभाग की ओर से करीब डेढ माह में करीब नौ फार्म हाउस तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई को बीच-बीच में रोक भी दिया जाता है। तीन दिन से सैनिक कॉलोनी चौक स्थित जमाई कॉलोनी और आसपास के अरावली क्षेत्र में तोड़फोड़ की जा रही थी।
बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ दस्ते के साथ लोगों को भी राहत दी गई। इस दौरान कुछ लोगों ने अपने ढहाये गए मकान का मलबा ठेकेदारों को बेचा। वहीं अनेक लोग अपने घरों को खाली कर दूसरे स्थानों पर गए। लोगों में प्रशासन और सरकार के खिलाफ गुस्सा साफ नजर आ रहा था। लोगों ने कहा कि सरकार को पहले फार्म हाउस और अमीरों के मकानों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उसके बाद गरीबों को उजाड़ा जाए।
जमाई कॉलोनी तोड़फोड़ कार्रवाई को एक दिन के लिए रोका गया है। जिससे लोग अपने कीमती सामनों को निकाल सके। ढहाये गए मकानों के मलबे को बेच सके। शुक्रवार को तोड़फोड़ की जा सकती है।
- यशपाल यादव, निगमायुक्त