फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल और ईएसआईसी अस्पताल में कथित लापरवाही के चलते पांच माह की बच्ची की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता अनीश पाल ने हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि गंभीर हालत में बच्ची को अस्पताल लाया गया था लेकिन समय पर उचित उपचार और वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि आईसीयू में बेड खाली होने के बावजूद बच्ची को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जिससे रास्ते में उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने इसे सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता बताया है।अनीश पाल ने अपने पत्र में कहा कि यदि समय पर इलाज और जरूरी चिकित्सकीय सुविधा मिल जाती तो शायद बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इसे मानव अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर बच्चों को जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। शिकायत में मांग की गई है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही यदि आईसीयू बेड उपलब्ध थे तो बच्ची को रेफर करने के कारणों की विस्तृत जांच हो। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। संवाद