धनराशि का उपयोग छात्राओं की सुविधा और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (ऊषा ग्रांट योजना) के अंतर्गत प्रस्ताव भेजने में अब एनआईटी -3 स्थित डीएवी कॉलेज का नाम भी शामिल हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने इस योजना के तहत 2.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। कॉलेज ने इस धनराशि का उपयोग केवल भवन निर्माण या इंफ्रास्ट्रक्चर पर करने के बजाय छात्राओं की सुविधा और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि ऊषा ग्रांट के तहत स्पष्ट लिंग समानता के आधार पर कॉलेज का नाम योजना के लिए चयन किया गया है। उनका कहना है कि आज के समय में उच्च शिक्षा में सबसे अधिक जरूरत छात्राओं को सुरक्षित, अनुकूल और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। इसी दृष्टि से प्रस्तावित राशि का उपयोग छात्राओं की पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं,सुरक्षा इंतजाम, स्वच्छता और डिजिटल संसाधनों पर किया जाएगा। प्रबंधन का मानना है कि इससे छात्राओं को बेहतर माहौल मिलेगा और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगी।
कॉलेज ने इस धनराशि का उपयोग डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम, जेंडर फ्रेंडली कैंपस सुविधाएं, हेल्थ एंड हाइजीन सेंटर और स्किल डेवलपमेंट लैब्स स्थापित करने का खाका तैयार किया है। साथ ही छात्राओं के लिए विशेष परामर्श केंद्र और कॅरिअर गाइडेंस सेल भी स्थापित करने की योजना है।
महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो इससे कॉलेज की छवि और छात्राओं के लिए शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। छात्राओं को आवश्यक संसाधन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा, तभी वे उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल कर पाएंगी। ऊषा ग्रांट योजना का लाभ लेकर कॉलेज का यह प्रयास जिले की अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।