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पत्रकार पूजा तिवारी मामले में आरोपी इंस्पेक्टर अमित को मिल रही वीआईपी ट्रीटमेंट

Wed, 11 May 2016 01:50 PM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

  • अमित को मिल रहा वीआईपी ट्रीटमेंट
  • पुलिस रख रही फूंक फूंक कर कदम 
  • रोजाना शेविंग व नहाने सहित मीडिया से बात करने की दी छूट
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अदालत जाते हुए इंस्पेक्टर अम‌ित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के मामले में आरोपी अमित को पुलिस प्रशासन की ओर से वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। अमित को भले ही विभाग ने निलंबित कर दिया है, लेकिन उसे  अब भी सारी सुविधाएं मिल रही हैं। 
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चार दिन की रिमांड के दौरान अमित हमेशा पुलिस के सुरक्षा घेरे में रहा, यहां तक कि उसकी मीडिया से भी खास बातचीत कराई गई। रिमांड के दौरान अमित की सेहत और आराम का पूरा खयाल रखा गया।

आम आरोपियों के विपरीत अमित को शेविंग, रोजाना नहाने और कपड़े बदलने की सुविधा रिमांड के दौरान भी उपलब्ध कराई गईं। आम आरोपी को कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस की ओर से सिर्फ दो से तीन पुलिसकर्मी ही लाते और ले जाते हैं, जबकि अमित को दो जिप्सी की एस्कॉर्ट के साथ कोर्ट तक लाया जाता है।
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करीब बीस पुलिसकर्मी उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर चलते नजर आए

इंस्पेक्टर अमित - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
करीब बीस पुलिसकर्मी उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर चलते नजर आए। हाई प्रोफाइल केस होने की वजह से पुलिस इस मामले में  फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। निलंबित इंस्पेक्टर की सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके लिए भारी फोर्स तैनात की गई है।

यहां तक कि न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के लिए उसे आम आरोपियों की तरह बस में नहीं बल्कि दो जिप्सियों के एस्कॉर्ट में वीआईपी तरीके से ले जाया गया। पूजा के हितैषियों को आशंका है कि अमित को जेल में भी आम कैदियों से अलग रख वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
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पहले भी हो चुके हैं हाई प्रोफाइल केस

- फोटो : अमर उजाला
पहले भी हो चुके हैं हाई प्रोफाइल केस
पत्रकार पूजा के ममले से पहले भी शहर में कई हाईप्रोफाइल केस हुए हैं, लेकिन पुलिस ने किसी को भी इस तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया। हत्या के आरोप में पकड़े गए पूर्व पार्षद कैलाश बैंसला को भी न्यायिक हिरासत में आम कैदियों की तरह बस में जेल भेजा गया था।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नकली ओएसडी बनकर लोगों के  साथ धोखाधड़ी के आरोप में पकड़े गए हाई प्रोफाइल आरोपी को भी मात्र दो पुलिसकर्मियों ने ही कोर्ट में पेश किया था। बल्लभगढ़ में हाई प्रोफाइल किडनी कांड में पकड़े गए डॉ. अमित को भी मात्र दो पुलिसकर्मियों ने ही कोर्ट में पेश किया था और बस में ही आम बंदियों के साथ नीमका जेल भेजा गया था।
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