फरीदाबाद। प्रदेश स्तर पर भले इस साल की पहली छमाही में महिलाओं के प्रति अपराध में कमी आई है, इसे दिल्ली से सटा फरीदाबाद अपवाद बन रहा है। यहां छेड़छाड़ व दुष्कर्म जैसे मामलों में बढ़ोतरी दिख रही है। इस साल के कई महीने कोरोना के कारण लॉकडाउन में निकलने के बावजूद साल 2019 की तुलना में पहली छमाही में ही करीब 55 प्रतिशत महिला अपराध हो चुके हैं। इनमें दुष्कर्म और छेड़छाड़ का ग्राफ कहीं आगे हैं। फरीदाबाद पुलिस बीते साल की अपेक्षा इस साल अपराधों में कमी आने का दावा कर रही है, लेकिन आंकड़े उसे हकीकत दिखाने के लिए काफी हैं।
जिले में महिलाओं से संबंधित अपराध दर्ज करने और जांच प्रक्रिया में तेजी के उद्देश्य से तीन महिला थाने संचालित हो रहे हैं। इनमें महिलाओं से संबंधित आपराधिक मामले दर्ज होते हैं। वर्ष 2019 के पूरे साल में इन थानों में कुल 358 मामले दर्ज किए गए। इनमें 95 दुष्कर्म, 130 छेड़छाड़ व 133 पोस्को एक्ट के थे। 2020 की पहली छमाही की बात करें तो इन थानों में अब तक दुष्कर्म के 62, छेड़छाड़ के 62 व पोस्को एक्ट के 71 मामले दर्ज हो चुके हैं। जाहिर है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान घर में रहने वाली महिलाओं को भी अपराध का निशाना बनाया। साल की पहली छमाही में ही करीब 55 प्रतिशत मामले दर्ज हो गए हैं।
इस साल दर्ज मामलों में दुष्कर्म और छेड़छाड़ में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। इस संबंध में पुलिस पीआरओ और महिला अपराध मामलों की एसीपी धारणा यादव का दावा है कि पूरे हरियाणा के मुकाबले फरीदाबाद जिले में महिला अपराध का ग्राफ काफी कम है। यहां महिलाओं से संबंधित अपराध शत-प्रतिशत वर्कआउट किए जा रहे हैं। साथ ही, लंबित मामलों की संख्या भी काफी कम है।