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खोरी गांव में निगम ने 750 मकानों को तोड़ा

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फरीदाबाद। खोरी गांव में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ कार्रवाई शनिवार को भी जारी रही। नगर निगम के तोड़फोड़ दस्ते ने दिल्ली सीमा से लगते लालकुआं क्षेत्र में तोड़फोड़ की। इस दौरान 750 से अधिक मकानों को तोड़ा गया। मौके पर किसी भी प्रकार के विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स व पुलिस ने गांव में मार्च किया और विरोध जताने वालों को हटाया।
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सुप्रीम कोर्ट ने सात जून को आदेश जारी कर नगर निगम और हरियाणा सरकार को लकड़पुर गांव की राजस्व संपदा पर पर बसे खोरी गांव में तोड़फोड़ करने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश था कि जंगल की जमीन को फिर से जंगल में तब्दील किया जाए। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम द्वारा गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई की जा रही है। हालांकि तोड़फोड़ मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। खोरी गांव की एनजीओ और नगर निगम द्वारा सुप्रीम में पक्ष रखा गया। जिसमें कोर्ट ने तोड़फोड़ कार्रवाई रोकने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम को खोरी और फार्म हाउस पर कार्रवाई के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
कोर्ट के नए आदेश के बाद शनिवार सुबह एक बार फिर निगम का तोड़फोड़ दस्ता सात पोकलैंड और सात जेसीबी लेकर गांव में पहुंचा। तोड़फोड़ कार्रवाई से पूर्व गांव की सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया। दिल्ली से गांव में आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस की तैनाती कर दी गई। तोड़फोड़ होने वाले घरों में पुलिस का पहरा बिठा दिया गया। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों को खाली करने में लग गए। कोई घरों के गेट को तोड़कर निकाल रहा था, तो कोई शटर को उखाड़ रहा था। इस कारण दिल्ली, लाल कुंआ व प्रह्लादपुर रोड पर जाम लग गया।
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आश्वासन के बाद भी तोड़े घर
दिल्ली-हरियाणा के फरीदाबाद बॉर्डर पर स्थित लालकुआं तीन नंबर चुंगी के आसपास करीब 350 से ज्यादा मकान है। पिछले दिनों दिल्ली सरकार द्वारा इस क्षेत्र में पैमाइश कराई गई थी। इसके बाद लोगों के घरों के बिजली-पानी कनेक्शन काट दिए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास दिल्ली के निवासी होने के सभी कागजात हैं। बिजली मीटर दिल्ली के लगे है। पानी का बिल दिल्ली सरकार भेजती हैं। वोट दिल्ली में देते हैं। इसके बावजूद उनके साथ सरकार ने सौतेला व्यवहार किया। नगर निगम द्वारा उनके मकानों को तोड़ दिया गया। कुछ लोगों ने अपने सामानों को निकाल कर रोड पर रख लिया। वहीं कई लोग घरों को खाली करके दूसरी जगह किराये के मकानों में चले गए।
महिला करती रही मिन्नत, पुलिस ने एक न सुनी
कार्रवाई के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के पास पहुंची। घर में रखे जरूरी सामान को बाहर निकालने की मिन्नतें करने लगी। महिला ने कहा कि जब तक किराये का मकान न मिल जाए, उसके घर को न तोड़ा जाए। लेकिन अधिकारी ने उसकी एक न सुनी और भगा दिया।
वर्जन
नगर निगम की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है। यह आगे भी जारी रहेगी। शनिवार को सुबह 10 से शाम चार बजे तक तोड़फोड़ की गई। इस दौरान लगभग 750 मकान तोड़े गए। कुछ जगह लोगों का आंशिक विरोध देखने को मिला। लेकिन, पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। - डॉ. गरिमा मित्तल, आयुक्त नगर निगम
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