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Faridabad News: बिजली चोरी के मामले में सिविल कोर्ट का अधिकार नहीं

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जिला अदालत ने उपभोक्ता का दावा किया खारिज, निचली अदालत का आदेश रद्द
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला अदालत ने बिजली चोरी के मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों की सुनवाई सिविल कोर्ट नहीं कर सकती है। जिला जज संदीप कुमार गर्ग की अदालत ने डीएचबीवीएन की अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा उपभोक्ता नीरपाल सिंधु के पक्ष में दिए गए आदेश को रद्द कर दिया।

मामला सितंबर 2016 का है, जब डीएचबीवीएन की टीम ने संजय कॉलोनी स्थित उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन की जांच की थी। विभाग के अनुसार मीटर की स्क्रीन बंद मिली और लैब जांच में आंतरिक सर्किट को बाहरी तरीके से क्षतिग्रस्त कर रीडिंग छिपाने की बात सामने आई। इसके बाद विभाग ने 76,492 रुपये की पेनल्टी और आठ हजार रुपये कंपाउंडिंग फीस लगाई थी व बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। उपभोक्ता ने सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर पेनल्टी और कार्रवाई को अवैध बताते हुए राहत मांगी थी। निचली अदालत ने 19 अक्तूबर 2024 को उपभोक्ता के पक्ष में फैसला देते हुए पेनल्टी आदेश को रद्द कर दिया था और बिजली कनेक्शन न काटने के निर्देश दिए थे।
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हालांकि जिला अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जब बिजली चोरी का मामला दर्ज हो चुका हो और एफआई भी हो, तब ऐसे मामलों में केवल स्पेशल कोर्ट को ही अधिकार है। अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के महेश कुमार बनाम एसडीओ फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सिविल कोर्ट इस तरह के मामलों की सुनवाई नहीं कर सकती। इसी आधार पर उपभोक्ता का पूरा दावा गैर-बरकरार मानते हुए 27 मई को खारिज कर दिया गया।
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