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तीस लाख रुपये के फूलों से महकेगी शहर की होली

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फरीदाबाद एनआईटी पांच स्थित राधा सर्वेश्वर मंदिर में फूलों की होली खेलते श्रद्धालु । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। बदलते समय के साथ फूलों की होली के प्रति शहरवासियों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। इस संबंध में मंदिरों से लेकर सामुदायिक भवनों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। फूलों की खरीदारी की जा रही है। अनुमान है कि इस बार होली तक शहर में 30 हजार किलो से अधिक फूलों की खरीदारी होगी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये होगी। इसके लिए सेक्टर-16 स्थित मंडी से लेकर दिल्ली के गाजीपुर और मथुरा के मंडियों से संपर्क साधा जा रहा है।
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जानकारों की मानें तो फरीदाबाद में फूलों से होली खेलने की शुरुआत 1974 में हुई थी। एनआईटी-पांच स्थित श्री राधा श्रवेश्वर मंदिर में इसकी शुरूआत की गई थी। मंदिर में पहुंचने वाले भक्त फूलों की पत्तियों से होली खेलते थे। मंदिर के महंत मुनिराज ने बताया कि इसकी शुरुआत इसलिए की गई थी, ताकि लोग रंग व गुलालों में मिले केमिकल के दुष्प्रभाव से बच सके। अब इस तरह की होली शहर में 50 से अधिक जगहों पर खेली जाती है। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। मथुरा, दिल्ली स्थित गाजीपुर मंडी के साथ सेक्टर-16 स्थित मंडी से फूलों की खरीदारी की जाती है। उन्होंने बताया कि अनुमान है कि इस बार 30 हजार किलो से अधिक फूलों की खरीदारी होगी।
फूलों की होली पर बृज के कलाकारों को बुलाया जाता है। वह भजन-कीर्तन कर सभी का मन मोह लेते हैं। मंदिरों में इस कार्यक्रम के दौरान काफी भीड़ रहती है। सभी कार्यक्रम का आनंद लेते हुए एक-दूसरे पर फूल की पत्तियां फेंकते हैं। काफी मनोरम दृश्य रहता है।
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महंगाई का पड़ रहा असर
महंत ने बताया कि फूलों की होली के आयोजन में अब काफी पैसे खर्च होते हैं। पहले लोग अपने साथ फूल लाते थे। लेकिन, अब इसकी खरीदारी की जाती है। मंडियों में गेंदा और गुलाब 80 से 100 रुपये, गुलदावरी की भी कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक है। ऐसे में फूल महंगा होने से आयोजन पर कुछ हद तक प्रभाव पड़ा है। इसके बावजूद लोग इस त्योहार को हर्षोल्लास से मनाते हैं।
इस बार आयोजनों की बढ़ी संख्या
कोरोना के कारण बीते दो सालों से होली पर कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा रहे थे, लेकिन इस बार कोरोना का मामला काफी कम हो गया है। साथ ही सरकार ने भी अधिकांश प्रतिबंधों को हटा लिया है। ऐसे में इस बार होली को लेकर काफी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें 50 से अधिक मंदिरों व सेक्टरों-कॉलोनियों में फूलों की होली मनाई जाएगी।
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