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Faridabad News: सिटी इकोनॉमिक रीजन से फरीदाबाद में विकास की उम्मीद

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योजना के तहत 5 हजार करोड़ से विकास कार्य किए जाएंगे
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। सिटी इकोनॉमिक रीजन के दायरे में फरीदाबाद को शामिल किए जाने की संभावना से जिले में विकास की नई लहर आने की उम्मीद जगी है। इस योजना के तहत 5 हजार करोड़ से विकास कार्य किए जाएंगे। इससे शहर में लंबे समय से अटके और धीमी गति से चल रहे कई बड़े प्रोजेक्ट पटरी पर लौट सकते हैं। अधिकारियों और शहरी नियोजन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल हुए कई साल हो चुके हैं, लेकिन तय समय सीमा के बावजूद कई परियोजनाएं अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। करीब 960 करोड़ रुपये के कुल बजट में अधिकांश राशि मंजूर होने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। स्मार्ट रोड नेटवर्क, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का विस्तार, सीवेज अपग्रेडेशन और स्मार्ट पार्किंग जैसी योजनाएं अब भी अधूरी पड़ी हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फंड की कमी और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी से देरी हुई है। सिटी इकोनॉमिक रीजन के तहत अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मिलने पर इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सकता है।
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ग्रेटर फरीदाबाद में सड़क और कनेक्टिविटी पर फोकस

ग्रेटर फरीदाबाद में सड़क नेटवर्क अभी भी कई जगह अधूरा है। सेक्टरों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, सर्विस रोड का निर्माण और ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने का काम लंबे समय से रुका हुआ है। सिटी इकोनॉमिक रीजन के तहत मिलने वाले फंड से इन सड़कों और फ्लाईओवर परियोजनाओं को गति मिल सकती है। इससे यातायात सुगम होने के साथ रियल एस्टेट और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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नए सेक्टर और औद्योगिक टाउनशिप को मिलेगा बल

फरीदाबाद में 12 नए सेक्टर विकसित करने की योजना पहले से प्रस्तावित है जिसके लिए करीब 4500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। फंड की कमी के कारण इन योजनाओं का क्रियान्वयन धीमा पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिटी इकोनॉमिक रीजन में शामिल होने के बाद इन सेक्टरों के विकास के लिए विशेष वित्तीय पैकेज मिल सकता है। इससे नई औद्योगिक इकाइयां आएंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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