फरीदाबाद। जिले में दिन प्रतिदिन डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वायरल बुखार से बच्चे भी काफी संख्या में प्रभावित हो रहे हैं। बीके नागरिक अस्पताल में बच्चों का वार्ड फुल हो गया है। अब एनआरसी (कुपोषित बच्चों का वार्ड) वार्ड में भी बुखार से पीड़ित बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। वहीं बृहस्पतिवार को ओपीडी बंद होने की वजह से इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ लगी रही।
जिले में डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। वायरल बुखार की चपेट में काफी बच्चे आ रहे हैं जिसकी वजह से बीके अस्पताल की पहली मंजिल पर बने बच्चों के वार्ड में बेड खाली नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास का कहना है कि इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है जिसकी वजह से बच्चों में वायरल बुखार फैल रहा है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को अस्पताल की ओपीडी बंद थी लेकिन, रोजाना करीब 200 बच्चों का उपचार ओपीडी में हो रहा है। कुछ बच्चों को भर्ती भी करना पड़ता है लेकिन अस्पताल में बेड खाली नहीं होने की वजह से एक बेड पर दो बच्चों को भी भर्ती किया जा रहा है। बच्चों की संख्या ज्यादा होने की वजह से एनआरसी वार्ड में बुखार के बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। एनआरसी में फिलहाल कुपोषित दो बच्चे भर्ती हैं, इसलिए बुुखार से पीड़ित बच्चों को एनआरसी में भर्ती किया जा रहा है।
इमरजेंसी वार्ड में लगी रही मरीजों की भीड़
बृहस्पतिवार को सरकारी छुट्टी होने की वजह से बीके अस्पताल की ओपीडी बंद रही जिसके चलते सभी प्रकार के मरीजों का उपचार इमरजेंसी में हुआ। दोपहर एक बजे तक इमरजेंसी में बेड खाली नहीं था। इमरजेंसी में तैनात डॉ. सोनू ने बताया कि ओपीडी बंद होने की वजह से इमरजेंसी में भीड़ रही। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में सबसे ज्यादा वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं। फरीदाबाद की सायरा ने बताया कि बुखार के चलते बीके अस्पताल की इमरजेंसी में आई लेकिन बेड खाली नहीं होने की वजह से उपचार स्ट्रेचर पर किया गया। वहीं बड़खल की ओमवती ने बताया कि पांच दिनों से फीवर है, जिसके चलते इमरजेंसी में उपचार करवाने के लिए आई लेकिन अस्पताल में बोतल लगाने के लिए स्टैंड की कमी होने से दोनों महिलाओं को एक ही स्टैंड से बोतल चढ़ाई गई।