फरीदाबाद। लॉकडाउन के कारण नैनीताल से अपनी सहेली के साथ यहां आकर फंसी कोलकाता की एक बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन ने बुधवार को उसकी मां के हवाले किया। बच्ची लॉकडाउन लगने के कारण नैनीताल से अपनी सहेली के साथ फरीदाबाद आ गई थी। उसकी मां उसे लेने आने में असमर्थ थी तो चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बच्ची को आश्रम में भेज दिया गया था। बुधवार को बच्ची के मां के यहां पहुंचने पर उसे उनको सौंप दिया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य रविंद्र कुमार ने बताया कि मूलरूप से कोलकाता, पश्चिम बंगाल निवासी 11 वर्षीय राशिका के पिता की मृत्यु हो चुकी है। राशिका नैनीताल में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती है। 24 मार्च को अचानक लॉकडाउन की घोषणा होने पर स्कूल प्रबंधन ने सभी अभिभावकों को फोन कर बच्चों को ले जाने के लिए कह दिया था, मगर ट्रेन नहीं मिल पाने के कारण राशिका की मां वहां नहीं पहुंच पाई। इस दौरान राशिका के साथ पढ़ने वाली फरीदाबाद निवासी बच्ची के पिता अपनी बेटी को लेने पहुंचे थे। राशिका की मां ने उनसे अनुरोध किया कि वे उनकी बेटी को भी दिल्ली तक लेकर आ जाएं, जहां से वे अपनी बेटी को ले जाएंगी, मगर वे दिल्ली भी नहीं पहुंच पाईं। इस पर वह उसे फरीदाबाद अपने घर ले आए। इसके उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन कर सारी स्थिति बताई। जिस पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बीपीटीपी थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची को बालिका आश्रम में छोड़ा। लॉकडाउन में छूट मिलने और ट्रेनें चलने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने कोलकाता पुलिस से संपर्क किया। दोनों की मदद से राशिका की मां शोमा चक्रवर्ती बुधवार को फरीदाबाद पहुंची, जहां चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष उन्हें उनकी बेटी सौंप दी गई।