फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: अंगदान कर पिता और संतान बने एक-दूसरे को दी नई जिंदगी

विज्ञापन
विज्ञापन
जब हम परेशानी में होते हैं तो सबसे पहले हमारा सहारा बन जाते हैं पिता
विज्ञापन

काजल कुमारी
पिता हमारी जिंदगी में किसी सुपर हीरो से कम नहीं होते हैं। जब हम परेशानी में होते हैं तो सबसे पहले हमारा सहारा बन जाते हैं। वैसे तो पिता के प्रति समर्पण, त्याग, प्रेम, आदर और सम्मान दर्शाने के लिए यूं तो सभी दिन होते हैं, लेकिन फादर्स डे पर हम उन्हें बेहद खास महसूस कराते हैं। आज फादर्स डे पर ऐसे ही लोगों के बारे में पढ़ें जिन्होंने पिता के लिए बड़ा त्याग किया। एक ओर जहां एक पिता ने अपनी बीमार बेटी को किडनी दान कर ज़िंदगी दी, तो दूसरी ओर एक बेटे ने अपने बीमार पिता को आधा लीवर देकर उनका जीवन दिया।
पिता ने दी नई जिंदगी

जिले के एक अस्पताल में नेहा कुमारी (28 वर्ष) का इलाज और किडनी प्रत्यारोपण हुआ। वर्ष 2022 से 2024 के बीच नेहा की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। जब डॉक्टरों ने ट्रांसप्लांट की सलाह दी तो उनके पिता राजेश ने बिना देर किए अपनी एक किडनी दान कर दी। नेहा ने बताया कि जब सारी उम्मीदें टूट रही थीं, तब उनके पापा ही ढाल बनकर खड़े रहे। उन्होंने नेहा को दोबारा जीवन दिया। मैं तो बस यही कहती हूं कि हर जन्म में मुझे अपने पापा मिलें। मेरे पापा दुनिया के सबसे अच्छे पापा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



51 वर्षीय पिता दिया आधा लीवर
जोगिंदर चावला (53 वर्ष) दो साल से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। जब हालात बिगड़े तो बेटे ने बिना हिचक अपना लीवर देने का फैसला लिया। कॉलेज में पढ़ने वाले बेटे ने पिता को सबसे बड़ा तोहफा दिया। अपना आधा लीवर दान कर जीवनदान दिया। ये दोनों कहानियां इस बात की गवाही देती हैं कि फादर्स डे केवल उपहार देने का दिन नहीं, बल्कि उन रिश्तों को सलाम करने का अवसर है। इस बार फादर्स डे को सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि प्यार, हिम्मत और मानवता की मिसाल के रूप में महसूस किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें