50 प्रतिशत युवा और महिलाएं शामिल, खराब जीवनशैली है कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के लोगों को कमर दर्द, घुटनों और जोड़ों का दर्द खूब सता रहा है। कोरोना महामारी के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन बीके अस्पताल में इस बीमारी से ग्रसित 300 मरीज पहुंच रहे हैं, इनमें 50 प्रतिशत युवा और महिलाएं शामिल हैं। धूम्रपान और बिगड़ती जीवनशैली भी इसका अहम कारण है। जहां पहले 50-60 वर्ष की उम्र के बाद यह बीमारियां लगती थीं, वहीं अब कम उम्र में युवाओं को अपनी चपेट में ले रही हैं।
बीके अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि कोरोना के बाद से हड्डी रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। महामारी के दौरान जहां एक ओर शारीरिक गतिविधियां कम हुईं, वहीं लोगों ने खानपान पर ध्यान देना छोड़ दिया। नतीजतन लोग कमर दर्द, मांसपेशियों में जकड़न, घुटनों और जोड़ों का दर्द परेशान कर रहा है। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में इन बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके अतिरिक्त लोग हड्डी, नसें और शरीर के जोड़ के दर्द दूर करने के लिए फिजियोथेरेपी का सहारा ले रहे हैं। इसमें दर्द निवारक दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती। समय के साथ मशीनों के जरिये लोगों का दर्द दूर किया जा रहा है।
युवाओं में हड्डियों की बीमारी बढ़ने का यह है कारण
डॉ. सतीश कुमार के अनुसार कमर दर्द की वजह बेतरतीब जीवनशैली है। अधिकतर लोगों को कमर के मध्य या निचले भाग में दर्द महसूस होता है। कई बार यह समस्या इतनी ज्यादा हो जाती है कि गंभीर रूप धारण कर सकती है। आजकल युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में बोन डेंसिटी कम होने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। बच्चे हो या बड़े सभी के लिए डाइट में दूध जरूरी है। इसके अलावा दूसरे डेयरी प्रोडक्ट जैसे दही, पनीर, मक्खन भी सेवन कर सकते हैं। इससे शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी हो जाएगी। विटामिन और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करती है।
ऐसे मिलेगा छुटकारा
-अधिक वजन बढ़ना बीमारी का कारण हो सकता है, मोटापे का शिकार होने से बचें।
-समय निकालकर नियमित व्यायाम करें।
- स्ट्रीट फूड को न कहें और पौष्टिक आहार को अपनाएं।
-सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकलें और धूप में रहें।